उन्नाव

उन्नाव में एक परिवार एक पहचान आईडी बनाने में लापरवाही, अधिकारियों पर डीएम का शिकंजा, बीडीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि

Unnao Family ID: उन्नाव में 'एक परिवार-एक पहचान' योजना में लापरवाही बरतने पर खंड विकास अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। डीएम ने कहा कि अन्य सभी अधिकारियों के लिए यह अंतिम चेतावनी है।
2 min read
• •
Updated: 27 Oct 2026, 3:45 PM IST
जिलाधिकारी घनश्याम मीना, फोटो सोर्स- उन्नाव सूचना विभाग
जिलाधिकारी घनश्याम मीना, फोटो सोर्स- उन्नाव सूचना विभाग

Negligence in creating Family ID: उन्नाव में एक परिवार एक पहचान योजना (Family ID) के अंतर्गत फैमिली आईडी बनाई जा रही है। जिलाधिकारी की समीक्षा के दौरान फैमिली आईडी बनाने में लापरवाही निकलकर सामने आई। इस पर डीएम ने एक खंड विकास अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। इसके साथ ही अन्य अधिकारियों को भी इस कार्य में लापरवाही न बरतने की सलाह दी है। बोले योजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। अगली समीक्षा बैठक में सुधार ना लाये जाने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। ‌जिलाधिकारी की कार्रवाई के बाद खंड विकास अधिकारियों में हड़कंप मच है। एक परिवार एक पहचान शासन की प्राथमिकता में शामिल है।

समीक्षा के दौरान मिली लापरवाही

उत्तर प्रदेश उन्नाव में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'फैमिली आईडी' (एक परिवार-एक पहचान) में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने योजना की धीमी प्रगति पर गहरा असंतोष जताया। समीक्षा के दौरान विकास खंड फतेहगढ़-84 की प्रगति सबसे खराब मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित खंड विकास अधिकारी (BDO) के खिलाफ तत्काल प्रभाव से प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) जारी करने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अधिकारी आए आमने-सामने

जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जनपद के सभी बीडीओ से जुड़े और उनके साथ बिंदुवार समीक्षा की। फतेहगढ़-84 की रिपोर्ट सामने आते ही उन्होंने संबंधित अधिकारी को जमकर फटकार लगाई और कार्यशैली में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

जिलाधिकारी बोले अंतिम चेतावनी

जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने सभी खंड विकास अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि यह अंतिम चेतावनी है। यदि अगली समीक्षा तक प्रगति में सुधार नहीं हुआ तो अन्य लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। 'एक परिवार-एक पहचान' योजना में किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फैमिली आईडी के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखें। अधिकारी रोजाना अपने स्तर पर समीक्षा करें और फील्ड स्टाफ को सक्रिय कर पेंडेंसी को खत्म कराएं। फैमिली आईडी, आईजीआरएस और सीएम डैशबोर्ड का एक अत्यंत संवेदनशील बिंदु है, जिसकी निगरानी सीधे शासन स्तर से की जा रही है।

Updated on:
27 Oct 2026, 3:45 PM IST
Published on:
Also Read
View All