दैनिक यात्रियों में आक्रोश, लगातार दूसरे दिन ऑफिस में पहुंचने होगी देरी से नाराज, पैसेंजर गाड़ियों के देरी से चलने के कारण यात्रियों को हुई काफी परेशानी
उन्नाव लगातार दूसरे दिन कानपुर लखनऊ डाउन लाइन पर फैक्चर पटरी के कारण बड़ी दुर्घटना होते होते बची। आज अवध एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होते होते बची। पटरी फैक्चर उस जगह पर हुयी जहां इसके पूर्व भी कई घटनाये हो चुकी है। मालगाड़़ी दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना भी इसी के आसपास हुई थी। लगातार रेल पटरी चिटकने की घटनाओं ने रेल यातायात को भगवान सहारे हो गयी है। भगवान सहारे ही रात में कई एक्सप्रेस ट्रेन इसी टूटी पटरी से गुजर गई। सुबह जब गैंगमेन गश्त पर निकला तब उसे टूटी पटरी पर निगाह पड़़ी। आनन फानन उसने स्टेशन मास्टर को जानकारी दी। अवध एक्सप्रेस को कॉशन के साथ टूटी पटरी से गुजारा गया। इस दौरान गैंगमेन की टीम को भेज कर फैक्चर पटरी को सही कराया गया।
छमक नाली के पास टूटी पटरी मिली
घटना एक बाद फिर कानपुर लखनऊ रेलमार्ग पर कानपुर पुल बायां किनारा रेलवे स्टेशन से उन्नाव जंक्शन रेलवे स्टेशन के बीच की है। उक्त रेल मार्ग पर छमक नाली के पास गैंगमेन को सुबह पेट्रोलिंग के समय पटरी चिटकी दिखायी पड़ी। उसने इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर को दी। लगातार दूसरे दिन चिटकी पटरी होने की जानकारी मिलने के बाद मौके पर टीम भेज कर उसे दुरूस्त कराया गया। इस बीच यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। वहीं अवध एक्सप्रेस को धीमे गति से टूटी पटरी से गुजारा गया। पुष्पक एक्सप्रेस 12534 को कानपुर पुल बायां किनारा पर रोका गया। सुबह लगभग सात बजे कानपुर से खुली पुष्पक एक्सप्रेस उन्नाव जक्शंन लगभग 8.25 पर पहुंची। इस दौरान कानपुर से खुलने वाली एक्सप्रेस, मेमू गाड़ी सहित सभी गाडियों पर ब्रेक लग गया।
दैनिक यात्रियों में आक्रोश
लगातार दूसरे दिन कानपुर और लखनऊ रेलमार्ग पर हुयी पटरी चिटकने की घटना से विभागिय अधिकारियों व कर्मचारियों के लिये ये आम घटना हो लेकिन इन घटनाओं से रोज रोजी रोटी कमाने वालों को काफी परेशानी होती है। लगातार दूसरे दिन लखनऊ जाने वाले दैनिक यात्रा समय से नहीं पहुंचने की जानकारी दे रहे थे। दैनिक यात्री रमेश कुमार ने कहा कि वह प्राईवेट फर्म में नौकरी करते है। लेकिन लगातार दूसरे दिन एक बार फिर समय से पहुंचना मुश्किल है। उन्होने बताया कि विगत बुधवार को भी वह समय से ऑफिस नहीं पहुंच पाये थे। जिसके बाद उन्हे दो बाते सुनने पड़ी थी।