
उन्नाव. पारिवारिक परामर्श केंद्र से सुलह समझौता के बाद घर ले जाये गए विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में आग में जलकर मौत हो गई। घटना के बाद मायके पक्ष वालों में रोष व्याप्त है। उनका कहना खाकी दो लाख रुपए की मांग ससुरालीजन कर रहे थे। इस संबंध में परिवारिक न्यायालय में मुकदमा भी चला था। दोनों पक्षों में समझौते के बाद उनकी बिटिया दोबारा फिर ससुराल गई थी। जहां उन लोगों ने जलाकर मार डाला। उनका आक्रोश पुलिस पर भी था पुलिस की हीला-हवाली के बाद परिजन शव लेकर जाम लगाने जा रहे थे। जाम लगाने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पोस्टमार्टम हाउस में बड़ी संख्या में महिला के साथ पुलिस जवान पहुंच गए और मृतक परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इसके पूर्व मृतक परिजनों ने कोतवाली में तहरीर देकर बेटी के ससुरालीजनों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया था।
पारिवारिक न्यायालय ने समझौता कराया था
मृतिका का भाई निर्मल सोनी पुत्र मदन लाल निवासी सनधाना थाना अजगैन ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया है कि 11 मई 2011 में उसकी बहन सोनी की शादी सदर कोतवाली क्षेत्र के जवाहर नगर निवासी विकास सोनी पुत्र श्रीकांत के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही विकास की मां मीना, ससुर श्रीकांत और बहन गोल्डी उसकी बहन को प्रताड़ित करते थे। जिसके बाद संबंध-विच्छेद का मुकदमा न्यायालय में चल रहा था। उन्होंने बताया कि 2017 के जून महीने में पारिवारिक न्यायालय ने सुलह करके उसकी बहन को ससुराल भिजवा दिया था । इसके बाद भी ससुरालीजन उसकी बहन को प्रताड़ित किया करते थे।
चार के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत
पिछले हफ्ते सोनी ने बताया कि ससुराल वाले जान से मार सकते हैं। इसके बाद सोनी के ससुर श्रीकांत ने फोन पर बताया कि तुम्हारी बेटी जलकर मर गई है। सोनी के पिता मदनलाल ने बताया कि उसकी बेटी के 6 साल का एक लड़का भी है। उसे भी इन लोगों ने गायब कर दिया है। वह बार-बार 6 वर्षीय गणेश को अपने सामने लाने की मांग कर रहे थे। मृतक परिजनों ने यह भी बताया कि सोनी पांच-छह मां के गर्भ से थी। इधर सदर कोतवाली पुलिस ने पति विकास, ससुर श्रीकांत, सास मीना और नंद गोल्डी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 498 ए 304 बी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम 34 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया है।