उन्नाव

उन्नाव में विरोध करने वालों पर गरजे पंडित प्रदीप मिश्रा, बोले- शिवलिंग पर चढ़े जल को पीने से दूर होते हैं रोग

Shiv Mahapuran by Pandit Pradeep Mishra in Unnao: उन्नाव में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा आयोजित की जा रही है जिसमें पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि उनकी बातों का कुछ लोग विरोध करते हैं। ‌
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Updated: 1 Nov 2026, 4:25 PM IST
उन्नाव में पंडित प्रदीप मिश्रा, फोटो सोर्स- आयोजक वीडियो ग्रैब
उन्नाव में पंडित प्रदीप मिश्रा, फोटो सोर्स- आयोजक वीडियो ग्रैब

Shiv Puran Maha Katha by Pandit Pradeep Mishra in Unnao: उन्नाव में आयोजित शिव महापुराण कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि एक लोटा जल सारी समस्याओं का समाधान है। उनकी बातें कुछ लोगों को इंजेक्शन की तरह दर्द दी। जिसमें उन्होंने कहा था कि शिवलिंग पर चढ़ाया गया। जल पीने और बेलपत्र खाने से बीमारी और समस्याओं का समाधान होता है। आज यह उपाय करके तमाम भक्त अपनी बीमारी और समस्याओं को दूर कर रहे हैं। ‌शिव महापुराण कथा का आज तीसरा दिन है। जिसमें प्रदेश सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटियार भी पहुंचे। आज तीसरे दिन भारी संख्या में श्रद्धालु श्रोता सुनने के लिए पहुंचे बनाए गए तीनों पंडाल खचाखच भर गए थे। बाहर बैठकर लोगों ने शिव महापुराण कथा को सुनी। आज मौसम भी मेहरबान रहा।

आंखें खोलकर करें प्रभु के दर्शन

उत्तर प्रदेश के उन्नाव के बीघापुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत गौरी गांव में आयोजित शिव महापुराण कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भक्त अयोध्या, मथुरा, वृंदावन, चंद्रिका देवी बक्सर दर्शन करने के लिए जाते हैं। लेकिन दर्शन के वक्त अपनी आंखें बंद कर लेते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए दर्शन के वक्त अपनी आंखें खुली रखें। जिससे प्रभु के साथ आपकी नजरे मिले। यह प्रसंग बेल वाटिका में शिव-पार्वती के बीच संवाद से है। जिसमें मैया पार्वती ने कहा है कि नैनो से दर्शन करना चाहिए।

एक लोटा जल सारी समस्याओं का हल

प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शिवलिंग पर चले गए चढ़ाए गए जल पीने और बेलपत्र को खाने की बात का काफी विरोध किया गया। जैसे किसी को इंजेक्शन लगता है तो दर्द होता है वैसे ही कुछ लोगों को उनकी बात तो से दर्द हुआ। लेकिन आज उनकी बात का समर्थन मिल रहा है। लोगों का जीवन बदल रहा है। ‌शिव को महामृत्युंजय बोला जाता है जो तुम्हारी मृत्यु पर विजय प्राप्त कर लेगा। केवल एक लोटा जल चढ़ाना है। ‌

भोले बाबा को हथेली का जल भी स्वीकार

बेल वाटिका में शिव पार्वती के बीच संवाद का उल्लेख करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शिव जी कहते कि मैं मनुष्य से कोई कामना नहीं रखता हूं, सोने, चांदी से बने पात्र से नहीं हाथ की हथेली से भी अगर जल अर्पण किया जाए तो भी उन्हें स्वीकार है। जिस भाव से भक्त जल देंगे उसी भाव से स्वीकार है। इसमें दिखावा नहीं होना चाहिए।

रील देखने वालों पर भी बोले

पंडित प्रदीप मिश्रा ने मोबाइल पर रील देखने वालों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज का युवा कहता है कि उनके पास समय नहीं है जबकि रील में घंटे गुजार देता है, दुकानदार रील देखने के चक्कर में ग्राहक की तरफ ध्यान नहीं देता है। घर की परिस्थितियों पर भी उन्होंने कहा कि आज पति-पत्नी और बच्चे एक साथ नहीं बैठते हैं। सभी अपने-अपने मोबाइल पर बिजी रहते हैं। शिव पुराण महा कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने लाखों की संख्या में मौजूद श्रोताओं को बताई।‌ सात दिवसीय शिव पुराण कथा का आज तीसरा दिन था। ‌

Updated on:
1 Nov 2026, 4:25 PM IST
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