
उन्नाव. दूरदराज थाना कोतवाली में मौजूद उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों कि कौन कहे, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बैठा बाबू खुलेआम भ्रष्टाचार का चोला पहने योगी सरकार को अंगूठा दिखा रहा है। जिससे आम लोग छोटे छोटे काम के लिए मारे मारे घूम रहे हैं। इसी क्रम में आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय में विभिन्न थाना क्षेत्रों से लगभग आधा दर्जन आवेदनकर्ता पुलिस वेरिफिकेशन के लिए पहुंचे। जहां उन्हें पूरे दिन थोड़ी देर बाद आना कहते हुए दौड़ाए रखा गया।
आवेदनकर्ता ने संबंधित बाबू की पुलिस अधीक्षक से कराई बात
इसी बीच दोपहर में मीडिया कर्मियों के संपर्क में आए आवेदनकर्ताओं ने अपनी आपबीती सुनाई। क्योंकि आवेदनकर्ता स्वयं सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी के लिए ट्रेनिंग लेकर पुलिस वेरिफिकेशन के लिए आए थे। इसलिए उन्होंने तत्काल पुलिस अधीक्षक से बातचीत की। पुलिस अधीक्षक ने मोबाइल पर ही संबंधित बाबू से बातचीत किया और पूछा क्यों दौड़ा रहे हो। जी सर जी सर करता हुआ बाबू सफाई देने लगा। इस पर आवेदनकर्ताओं ने भी अपनी बात रख दी। इसी बीच उसने मोबाइल काटते हुए आवेदनकर्ताओं से फार्म ले लिया और कहां 5:00 बजे रिसीविंग देंगे। अपनी मनमानी से बाज नहीं आने वाले बाबू शाम को लगभग 5:30 बजे आवेदनकर्ताओं को रिसीविंग दिया।
पुलिस वेरिफिकेशन बना जी का जंजाल
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भगवान दिन पुत्र गेंदालाल, सचिन कुमार मौर्य पुत्र गणेश प्रसाद मौर्य निवासीगण आवागोझा थाना आसीवन, कुलदीप कुमार पुत्र कैलाश वर्मा निवासी महेंद्र रसूलाबाद थाना आसीवन, भूपेंद्र सिंह पुत्र प्रताप सिंह निवासी अमूइया थाना हसनगंज, जियालाल पुत्र औसान निवासी सुंदरपुर चांदपुर थाना अजगैन आदि पुलिस वेरिफिकेशन के लिए सुबह अपने समय से पहुंच गए थे। जहां उन्होंने संबंधित बाबू से बातचीत की सुबह पहुंचे सभी आवेदनकर्ताओं को बाबू थोड़ी देर थोड़ी देर करता हुआ दोपहर के 2:00 बजा दिया। इसी बीच आवेदनकर्ताओं में से एक ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की जानकारी देते हुए पुलिस वेरिफिकेशन की कार्रवाई कराए जाने की गुहार लगाई।
सिक्योरिटी गार्ड की ट्रेनिंग करके आए थे पुलिस वेरिफिकेशन के लिए
संबंधित आवेदनकर्ता के मोबाइल से ही पुलिस अधीक्षक ने पटल के बाबू से बातचीत किया और उनसे जानकारी प्राप्त की। इस संबंध में भगवानदीन ने बताया कि वह लोग उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत निशा इंडस्ट्रियल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सिक्योरिटी गार्ड के लिए ट्रेनिंग ले चुके हैं। जिसके लिए पुलिस वेरिफिकेशन की आवश्यकता पड़ रही थी। संबंधित बाबू प्रति व्यक्ति सो रुपए के हिसाब से डिमांड कर रहा था। इसके बाद भी काम नहीं कर रहा था। पुलिस अधीक्षक के बीच में पड़ने से एक बार फिर आवेदनकर्ताओं को राहत महसूस हुई। फिलहाल उन्हें पुलिस वेरिफिकेशन की एक सीढ़ी पार कर ली है। उन्होंने बताया कि अभी उन्हें काफी लंबा सफर तय करना है। जहां हर कदम पर उन्हें इस प्रकार की समस्याओं से सामना करना पड़ेगा।