
Congress protest in Unnao: उन्नाव में शहर कांग्रेस और विकलांग प्रकोष्ठ ने संयुक्त रूप से केंद्र सरकार के उसे निर्णय का विरोध किया है जिसमें 2 हजार के ऊपर यूपीआई पेमेंट पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का आदेश दिया गया है। संयुक्त अभियान में व्यापारियों के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस दौरान व्यापारी वर्ग ने भी केंद्र सरकार की यूपीआई में शुल्क लगाने की योजना का विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों के साथ उपभोक्ताओं का भी नुकसान हो रहा है। कांग्रेस विकलांग पोस्ट के प्रदेश महासचिव व प्रवक्ता तन्मय श्रीवास्तव ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हिटलर सही बताया। बोले उन्होंने अपने जन्मदिन पर व्यापारियों और आम जनमानस पर अतिरिक्त बोझ डालकर जीते जी मारने का काम किया है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में यूपीआई में अतिरिक्त शुल्क लेने के केंद्र सरकार के निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। शहर कांग्रेस और विकलांग प्रकोष्ठ ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर यूपीआई में लगाए गए शुल्क को वापस लेने की मांग की है। छोटे चौराहे से बड़े चौराहे के बीच व्यापारियों के हस्ताक्षर का अभियान चलाया गया। इस मौके पर प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव प्रवक्ता तन्मय श्रीवास्तव ने बताया कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। पहले से ही महंगाई चरम पर है, बिजली की बढ़ती कीमत, किराया, कर्मचारियों का वेतन आदि डिजिटल के माध्यम से होता है। ऐसे में भुगतान व्यवस्था में अतिरिक्त नशुल्क का दबाव बनाना उचित नहीं है। कांग्रेस केंद्र सरकार के इस कदम का विरोध करती है और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करती रहेगी।
तन्मय श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने के साथ यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि छोटे व्यापारियों व दुकानदारों पर अतिरिक्त बोझ ना पड़े। केंद्र सरकार व्यापारियों को राहत प्रदान करें। अभी हस्ताक्षर के माध्यम से जनता की भावनाओं को सरकार तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। यदि 7 दिन के अंदर शुल्क वापसी कर निर्णय नहीं लिया गया तो सड़क पर उतरकर सरकार की नीतियों का विरोध और पुतला फूंकने का काम किया जाएगा।
शहर अध्यक्ष फैज फारूकी ने केंद्र सरकार से व्यापारियों के हित में कार्य करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एमडीआर (MDR) व्यवस्था की समीक्षा की जाए। छोटे व्यापारियों और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ ना डाला जाए। इस मौके पर नसीम खान, इम्तियाज, शाश्वत बाजपेई, सरफराज गांधी सहित अन्य नेता मौजूद थे।