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उन्नाव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर दूर, प्रभावित क्षेत्रों में नाव की व्यवस्था

Latest flood situation in Unnao: उन्नाव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। जिससे बांगरमऊ, सफीपुर, सदर, बीघापुर तहसील के सैकड़ों गांव बाढ़ प्रभावित है। जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में नाव की व्यवस्था की है।
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उन्नाव

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Narendra Nath Awasthi

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Updated: 8 Sep 2026, 8:01 AM IST

बाढ़ क्षेत्रों में चल रही नाव, फोटो सोर्स- पत्रिका

बाढ़ क्षेत्रों में चल रही नाव, फोटो सोर्स- पत्रिका

Unnao flood latest update: उन्नाव में गंगा का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ रहा है। जो खतरे के निशान के नजदीक पहुंच चुका है। जिसके कारण गंगा नदी से सटे इलाके बांगरमऊ से बीघापुर के बीच कई गांवो में पानी पहुंच चुका है। लोगों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा है। तेज धारा के कारण सड़क के कटने की भी घटना सामने आई है। जिससे और आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन शक्कर सतर्क है। एडीएम न्यायिक ने अन्य अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। इधर बीघापुर में विधायक बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया।

गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में गंगा का जलस्तर तेजी के साथ खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहा है। रविवार की शाम को 112.52 मीटर था जो सोमवार की सुबह 112.62 मीटर हो गया। इस समय गंगा का जलस्तर 112.710 मीटर है। जो खतरे के निशान 113 मीटर से केवल 29 सेंटीमीटर की दूरी पर है। कानपुर से सटे शुक्लागंज के करीब 12 मोहल्ले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। जिनमें गोताखोर, मिश्रा कॉलोनी, मनोहर नगर, हुसैन नगर, कर्बला, मोहम्मद नगर, शाही नगर, सैय्यद कंपाउंड, श्रीनगर, मालवीय नगर शामिल है। इन मोहल्ले में के रहने वालों का जीवन बुरी तरह प्रभावित है। नाव के सहारे लोगों की दिनचर्या पूरी हो रही है।

काली मिट्टी-शिवराजपुर मार्ग तेज धार में बहा

फतेहपुर 84 क्षेत्र में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर है। उन्नाव मुख्यालय से काली मिट्टी होते हुए शिवराजपुर की तरफ जाने वाले मार्ग को गंगा नदी की तेज धार बाहर ले गई। जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। स्थानीय बांगरमऊ प्रशासन ने मौके पर राजस्व कर्मियों को भेजकर यातायात को बंद करवाया। फतेहपुर 84 काली मिट्टी शिवराजपुर मार्ग प्रतिवर्ष बाढ़ में बह जाता है जबकि इस मार्ग का चौड़ीकरण 27 करोड़ रुपए से कराया गया था। कार्य पूरा होने के बाद 16 जून 2025 को यातायात के लिए खोला गया। लेकिन करीब 16 महीने में ही गंगा नदी की तेज धार बहा ले गई। ‌

बीघापुर तहसील के गांव भी प्रभावित

बीघापुर तहसील अंतर्गत कई गांव पहाड़ की चपेट में हैं। भगवंतनगर विधायक आशुतोष शुक्ला ने लाल खेड़ा, धुलीखेड़ा ग्राम पंचायत में बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। इस मौके पर उप जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार सहित राजस्व कर्मचारी भी मौजूद थे। यहां पर सैकड़ो परिवार बाढ़ के बीच जीवन यापन कर रहे हैं। उप जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की है कि अनावश्यक बाढ़ के पानी के बीच न जाए। इससे खतरा हो सकता है।

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