
नाव के सहारे हो रहा आवागमन, फोटो सोर्स- पत्रिका
flood situation in Unnao: उन्नाव में गंगा का जलस्तर पिछले दो दिनों से लगातार बढ़ रहा है। आज 6 सितंबर को जलस्तर समाचार लिखे जाने तक 112.480 मीटर पहुंच गया। हरिद्वार बैराज से 121147 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 96219 क्यूसेक पानी छोड़ गया है। इसके आगे बढ़ने से गंगा का जलस्तर और भी बढ़ने की संभावना है। गंगा से सटे इलाकों में पानी हिलोरा मार रहा है। लोगों को नाव के सहारे अपनी दिनचर्या पूरी करनी पड़ रही है। बांगरमऊ से लेकर बीघापुर तक कटरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुसीबतें कम नहीं हो रही है। सई नदी भी उफान पर है। जिसका जल हसनगंज क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। सड़क के ऊपर से सई नदी का पानी बह रहा है। जिला प्रशासन बाढ़ के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क है। प्रभावित क्षेत्रों में नाव की व्यवस्था की गई है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में पिछले दिनों हुई बारिश और गंगा के बढ़ते जल स्तर के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार गंगा चेतावनी बिंदु से 48 सेंटीमीटर ऊपर यानी 112.480 मीटर पर बह रही है। मनोहर नगर, रविदास नगर, मोहम्मद नगर, हुसैन नगर, कर्बला, गोताखोर मोहल्ला, श्रीनगर, मालवीय नगर, सैय्यद कंपाउंड आज मोहल्ले में गंगा का जल लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। पिछले हफ्ते गंगा का जलस्तर घटने लगा था। लेकिन बीते दो दिनों में फिर गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है। बांगरमऊ, सफीपुर, बीघापुर तहसील के कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
सई नदी भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। बाढ़ का पानी ग्राम पंचायत निंदेमऊ का मजरा बिचपरी के चारों तरफ फैल चुका है। आवागमन के सारे रास्ते बंद है। बिचपरी गांव सड़क मार्ग से पूरी तरह कट चुका है। किसानों की फसलें भी बर्बाद हो चुकी है। ग्रामीण नाव से आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। फ्लड कंट्रोल ऑफिस LGC कानपुर के अनुसार आज 6 सितंबर सुबह 8 बजे शुक्लागंज गेज पर 112.470 मीटर दर्ज किया गया, जो समाचार लिखे जाने तक 112.480 मीटर पहुंच गया। जबकि कल 5 सितंबर को 112.340 मीटर दर्ज किया गया था। हरिद्वार बैराज से 1,21,147 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 96,219 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दोनों बैराजों से डिस्चार्ज बढ़ा है। पानी बढ़ने से कटरी क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
लोन नदी का पानी भी कई गांव में घुस चुका है। जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। घर में रखा खाने पीने का सामान भी पानी में डूब गया। लोगों को आने जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बीघापुर तहसील के गांव दिलीप नगर, कुकरी, अढ़ौली, मेड़ीलाल खेड़ा आदि गांव प्रभावित क्षेत्रों में हैं।
Updated on:
6 Sep 2026, 2:48 PM IST
Published on:
6 Sep 2026, 2:48 PM IST
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