उन्नाव

उन्नाव: स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अंधेरे में रखने की योजना, CM से योजना वापस लेने की मांग

Movement against smart meters: रेलवे स्मार्ट मीटर के खिलाफ उपभोक्ताओं में जबरदस्त आक्रोश दिखाई पड़ा। मुख्यमंत्री से स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने की मांग की गई है; इस मौके पर स्मार्ट मीटर से आने वाली समस्याओं को भी बताया गया है।

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Apr 18, 2026

Big movement against smart meters: उन्नाव में स्मार्ट मीटर के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन किया गया। जिसके माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा गया है। जिसमें स्मार्ट मीटर लगने के बाद आ रही परेशानियों के संबंध में जानकारी दी गई है। नर सेवा नारायण सेवा के बैनर तले हुए आंदोलन को संबोधित करते हुए संस्थापक विमल द्विवेदी ने बताया कि विभाग बिना किसी पूर्व सूचना के रात में बिजली काट दे रहा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और मरीजों की देखभाल में भी दिक्कत हो रही है। रिचार्ज करने के बाद भी सर्वर की खराबी के कारण कई घंटे बैलेंस अपडेट नहीं होता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने की मांग की है।

स्मार्ट मीटर से आने वाली समस्याओं को गिनाया

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में आज शनिवार के दिन स्मार्ट मीटर के उपभोक्ताओं में आक्रोश दिखाई पड़ा। जिले में अत्यधिक बिल, बिना सूचना बिजली काटने, सर्वर फेल होने से स्मार्ट मीटर के उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हो रही हैं। नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के उपभोक्ताओं का बिल काफी अधिक आ रहा है। विभाग की तरफ से बिना सूचना के बिजली काट दी जाती है।

बिल दो से तीन गुना बढ़ा

विमल द्विवेदी ने बताया कि रिचार्ज करने के बाद भी कनेक्शन नहीं जोड़ा जाता है और सर्वर फेलियर बताया जाता है, जिससे आम लोगों में काफी आक्रोश है। उपभोक्ताओं की शिकायत है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनका बिल दो से तीन गुना बढ़ गया है। जबकि घरेलू खपत पहले की तरह ही है। सबसे ज्यादा परेशानी प्रीपेड बैलेंस खत्म होने से है।

मीटर की रीडिंग और बैलेंस की कटौती की प्रक्रिया जटिल

विमल द्विवेदी ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री से स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्था फिर से लागू की जाए। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में विमल द्विवेदी ने बताया है कि रिचार्ज करने के बाद भी उपभोक्ताओं को अंधेरे में रहना पड़ता है, मीटर की रीडिंग और बैलेंस की कटौती की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि समझ नहीं आता है। पारदर्शिता के अभाव के कारण वे अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

खत्म होने से 24 घंटे पहले दी गई सूचना

विमल द्विवेदी ने रिचार्ज खत्म होने से कम से कम 24 घंटे पहले एसएमएस, कॉल के माध्यम से सूचना देने की मांग की है। खामियों को दूर करने के लिए हेल्पलाइन नंबर स्थापित करने की मांग की है। समिति के सुझाव पर अमल संभव नहीं है तो जनहित में स्मार्ट मीटर हटाकर पुरानी व्यवस्था लागू की जाए। बताया गया कि सरकार 'ईज ऑफ लिविंग' की बात करती है। लेकिन स्मार्ट मीटर ने जीना दुश्वार कर दिया है। ज्ञापन देने वालों में अनीता, विमल द्विवेदी, अजय त्रिवेदी, राजपूत, नीलमणि सिंह, पवित्र उपाध्याय, दीक्षित, विकास सिंह, सिंगर, आदि की संख्या में लोग मौजूद थे।

Updated on:
18 Apr 2026 07:08 pm
Published on:
18 Apr 2026 07:05 pm
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