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ऑनलाइन रिश्ते में धोखा: उन्नाव में महिला से 75 लाख की ठगी, 35 लाख से ज्यादा की रकम वापस

Matrimonial Fraud Case: उन्नाव में मेट्रोमोनियल वेबसाइट से 75 लाख रुपए से अधिक ठगे जाने का मामला सामने आया है। 45 दिनों तक संस्कारों के नाम पर रुपए की वसूली होती रही।

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साइबर पुलिस थाना के साथ पीड़िता, फोटो सोर्स- उन्नाव पुलिस

फोटो सोर्स- उन्नाव पुलिस

Unnao Matrimonial Fraud Case: उन्नाव में मेट्रोमोनियल साइड से 75 लाख रुपए से ज्यादा फ्रॉड का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी तब हुई जब महिला ने अलग-अलग संस्कारों के नाम पर सामने वालों को 75 लाख रुपए से ज्यादा की रकम दे दी। तब उसे अपने ठगे जाने का एहसास हुआ। उन्होंने इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अकाउंट को फ्रीज कराया और 35 लाख रुपए से अधिक की रकम को वापस कराया। जबकि शेष धनराशि की रिकवरी का प्रयास जारी हैं। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का है।

विभिन्न रस्मों के नाम पर हुई ठगी

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में साइबर क्राइम थाना ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए हुए बड़े फ्रॉड का खुलासा किया है। सदर कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइंस निवासी विनीता द्विवेदी ने 17 जनवरी 2026 को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से संपर्क में आए ठगों ने शादी का झांसा देकर उनसे विभिन्न रस्मों और संस्कारों के नाम पर अलग-अलग माध्यमों से कुल 75,11,353 रुपये ट्रांसफर करा लिए।

45 दिनों तक चलता रहा ठगी का दौर

विनीत द्विवेदी ने बताया कि शुरुआत में इस धोखाधड़ी का उन्हें अंदाजा नहीं हुआ, लेकिन करीब 45 दिन बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। साइबर क्राइम थाना में तहरीर देकर उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी दी और पैसे वापस कराए जाने की गुहार लगाई। मिली तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बीएनएस धारा 318(4) और 351 में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

साइबर सेल की तत्परता से मिली सफलता

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। संबंधित बैंक खातों को चिन्हित कर उन्हें फ्रीज कराया गया और विभिन्न बैंकों से समन्वय स्थापित करते हुए ठगी गई रकम में से 35,11,353 रुपए पीड़िता के खाते में वापस कराई गई।

क्या कहती है साइबर क्राइम थाना?

साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बताया कि इस तरह के मामलों में समय रहते शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी होता है, जिससे रकम को ट्रेस कर वापस कराया जा सके। फिलहाल बाकी धनराशि की रिकवरी के लिए प्रयास जारी हैं और जल्द ही अन्य आरोपियों तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

इन्होंने किया खुलासा

मामले का खुलासा कंधे में करने में प्रभारी निरीक्षक राजेश पाठक निरीक्षक राजेश मिश्रा उप निरीक्षक सुभाष चंद्र कंप्यूटर ऑपरेटर प्रियांशी यादव आरक्षित समसुद्दीन मोनू यादव संजय राजभर का मुख्य योगदान था।