
Child marriage on Akshaya Tritiya: उन्नाव में अक्षय तृतीया (आखा तीज) के अवसर पर संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने चेतावनी जारी की है। इसमें बताया गया है कि बाल विवाह में शामिल होने वाले सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी; इस दौरान होने वाली शादी भी गैरकानूनी होती है। जिला प्रवेश अधिकारी क्षमा नाथ राय ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया विवाह के लिए अत्यंत शुभ दिन माना जाता है, जिसके चलते इस दिन बड़ी संख्या में शादियां संपन्न होती हैं। इसी के साथ बाल विवाह भी बड़ी संख्या में होता है, जो एक सामाजिक कुरीति है। इस मामले में हमें सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव के जिला प्रवेश अधिकारी क्षमा नाथ राय ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के कानूनी, सामाजिक और व्यक्तिगत अधिकारों का हनन करता है। यह एक दंडनीय अपराध है। बाल विवाह को रोकने के लिए जनपद स्तर से लेकर तहसील, विकास खंड और थाना स्तर तक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा हैं। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका और 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह कानूनन बाल विवाह की श्रेणी में आता है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत ऐसे विवाह को अमान्य होते हैं और गैर कानूनी घोषित किया जाते हैं। उन्होंने बताया कि बाल विवाह कराने या उसमें सहयोग करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
जिला प्रवेश अधिकारी ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तत्काल इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1098, चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट कंट्रोल रूम नंबर 7880811098 या जिला प्रोबेशन अधिकारी के सीयूजी नंबर 7518024022 पर दे सकते हैं। नजदीकी थाना, बाल कल्याण समिति या कलेक्ट्रेट स्थित संबंधित कार्यालय में लिखित शिकायत कर सकते है।
जिला प्रशासन ने इस मामले में चेतावनी दी है कि बाल विवाह कराने में संलिप्त पाए जाने पर माता-पिता, अभिभावक, रिश्तेदार, पुजारी, मौलवी, टेंट हाउस, गेस्ट हाउस संचालक सहित सभी उपस्थित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक का कारावास या एक लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।
Published on:
17 Apr 2026 09:24 pm
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