SP big action against police personnel उन्नाव में जिले के कप्तान ने यातायात दरोगा सहित 7 पुलिस कर्मियों को निलंबित करते हुए विभागीय जांच बैठाई है। जिनमें पीआरबी का एक चालक शराब पीकर ड्यूटी कर रहा था। एक अन्य मामले में पीआरबी के ही तीन कर्मचारी निरीक्षण के दौरान गाड़ी के अंदर पाए गए।
SP big action against police personnel उत्तर प्रदेश के उन्नाव में लापरवाह पुलिस कर्मियों के विरुद्ध पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने यातायात दरोगा सहित 7 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। इनमें एक चालक भी शामिल है। जो ड्यूटी में शराब पीकर आया था। इसके अतिरिक्त पीआरबी में तैनात पुलिसकर्मी भी शामिल है। यातायात दरोगा को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी की जा रही है। नवागत एसपी दीपक भूकर के आने के बाद से पुलिस का नया रूप देखने को मिल रहा है। जब लुटेरे और डकैतों के साथ हुई मुठभेड़ में तीन के पैर में गोली लगी और एक की मौत हो चुकी है।
SP big action against police personnel पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने पीआरबी 6118 में दही थाना में तैनात मुख्य आरक्षी धर्मपाल, आरक्षी धर्मेंद्र कुमार और आरक्षी मुकेश कुमार को निलंबित किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दही थाना के निरीक्षण के समय पीआरबी में नियुक्त सभी पुलिसकर्मी गाड़ी के अंदर बैठे थे। जबकि नियमानुसार एक कर्मी गाड़ी के अंदर रहेगा। बाकी सभी बाहर रहेंगे। ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में एसपी ने तत्काल प्रभाव से तीनों को निलंबित कर दिया।
SP big action against police personnel पीआरबी 2918 थाना हसनगंज में नियुक्त चालक वीर प्रताप निरीक्षण के दौरान शराब के नशे में मिले। 16 सितंबर को निरीक्षण के दौरान चालक वीर प्रताप ड्यूटी के प्रति लापरवाह दिखे। जिनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। जिसमें शराब पीने की पुष्टि हुई। एसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए जांच बैठा दी है।
SP big action against police personnel उप निरीक्षक ट्रैफिक पुलिस राम प्रताप राणा, मुख्य आरक्षी यातायात पुलिस मोहम्मद तारीख और मुख्य आरक्षी माधव सिंह बीते 23 सितंबर को दही थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरवा मोड़ डायवर्जन स्थल पर ड्यूटी लगाई गई थी। मध्य रात्रि में ड्यूटी निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पुरवा मोड़ पर काफी जाम लगा हुआ है। सही तरीके से डायवर्जन नहीं किया जा रहा था। पुलिस अधीक्षक ने इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता माना। तत्काल प्रभाव से तीनों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया। जिनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठाई गई।