उन्नाव

दरोगा को एंटी करप्शन टीम उठा ले गई, अब तक नौ के खिलाफ कार्रवाई, जानें इन चेहरों को

Till now anti corruption team arrested 9 employees, taking bribe उन्नाव में एंटी करप्शन टीम लगातार कार्रवाई की कर रही है। लेकिन भ्रष्टाचार कम नहीं हो रहा है। बिल पास कराने के बदले डीआईओएस कार्यालय से दो बाबुओं को गिरफ्तार किया गया। अब एक दरोगा की भी गिरफ्तारी हुई।

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Mar 12, 2025

Till now anti corruption team arrested 9 employees, taking bribe उन्नाव में एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए दरोगा राजेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। जो सड़क हादसे की जांच कर रहे हैं। विवेचना में चालक का नाम हटाने के बदले 5 हजार रुपए घूस ले रहे थे। एंटी करप्शन टीम पुरवा थाना के बाहर पान की दुकान से दरोगा राजेंद्र कुमार को अपने कब्जे में लिया। जब योजना के मुताबिक पीड़ित दरोगा को रुपए दे रहा था। इधर एसपी ने कार्रवाई करते हुए दरोगा को निलंबित कर दिया। इस प्रकार 2024-25 में कुल नौ सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ रिश्वत के मामले में कार्रवाई की गई है।

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एंटी करप्शन टीम ने दरोगा राजेंद्र कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ की गिरफ्तार किया है। मामला दुर्घटना से जुड़ा है। जिसमें बीते 15 जून को वाहन चालक और वहां के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था‌। विवेचना अधिकारी राजेंद्र कुमार निवासी छतरपुर, अंतू प्रतापगढ़ ने नाम हटाने के लिए 5 हजार रुपए रिश्वत मांगी। इस संबंध में बोधराज वर्मा निवासी पंचम खेड़ा ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। योजना के मुताबिक दरोगा को रिश्वत लेते रंगे हाथ की रफ्तार किया गया।

अब तक नौ पर हुई कार्रवाई

रिश्वत के मामले में 2024-25 में अब तक नौ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। हसनगंज थाना में तैनात दरोगा बेचन यादव को 24 जनवरी 2025 में गिरफ्तार किया गया। एंटी करप्शन टीम ने बेचन यादव के खिलाफ कार्रवाई की करते हुए सोहरामऊ थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। बेचन यादव ने डेढ़ लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी।

इंस्पेक्टर और कोतवाल का ड्राइवर हुआ गिरफ्तार

सफीपुर कोतवाली में तैनात कोतवाल के ड्राइवर वीरेंद्र यादव को एंटी करप्शन टीम ने 5 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी 11 सितंबर 2024 को हुई थी। जिन्होंने लकड़ी कटान को लेकर रिश्वत की मांग की थी। जिसकी शिकायत सोनू ने एंटी करप्शन टीम से की थी। विवेचना एवं अनावरण शाखा में तैनात इंस्पेक्टर हीरा सिंह को 21 सितंबर 2024 को एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया। हीरा सिंह ने विवेचना में आरोपी से पैसे की मांग की थी।

प्रदूषण विभाग का लिपिक की गिरफ्तार

प्रदूषण विभाग में तैनात वरिष्ठ लिपि विजय कुमार को 50 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ की गिरफ्तार किया गया था। जिन्होंने कोल्ड स्टोरेज को अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के लिए रिश्वत की मांग की थी। यह गिरफ्तारी 28 मई 2024 को हुई थी।

लेखपाल भी पकड़ा गया

सफीपुर तहसील में तैनात लेखपाल विकास वर्मा को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ पकड़ा। विकास वर्मा ने विरासत प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 5 हजार रुपए की मांग की थी‌। यह गिरफ्तारी 22 जुलाई 2024 को हुई थी।

ग्राम विकास अधिकारी पर हुई कार्रवाई

पुरवा विकासखंड में तैनात ग्राम विकास अधिकारी शिवबरन सिंह को एंटी करप्शन टीम ने 9 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया। शिव बरन सिंह ने अपने क्षेत्र के ही ग्राम प्रधान से 50 हजार रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया और ग्राम विकास अधिकारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। ‌

जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के दो बाबू गिरफ्तार

जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बिल पास करने के बदले बाबू अमित कुमार और बाबू अमित भारती ने 30 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। मामला डीआईओएस कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे और कंप्यूटर लगाने के ठेकेदार से जुड़ा है। एंटी करप्शन टीम ने दोनों को पान की दुकान से गिरफ्तार किया।

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