
Ganga Water Near Danger Mark In Unnao: उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। हरिद्वार और नरौरा बैराज से छोड़े गए जल के पहुंचने से स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी। बांगरमऊ, फतेहपुर 84, सफीपुर, परियर, उन्नाव सदर, बीघापुर आदि क्षेत्रों के कई इलाके प्रभावित क्षेत्रों में है। जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। शुक्लागंज कटरी इलाके के कई मोहल्ले में गंगा का जल पहुंच गया है। बाढ़ नियंत्रण केंद्र कानपुर से मिली जानकारी के अनुसार चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है जो 112 मीटर है। सुबह 8 बजे 112.80 मी था। जबकि हरिद्वार से 69089 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 110176 क्यूसेक जल छोड़ा गया है। खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट है। प्रभावित क्षेत्रों में नाव की भी व्यवस्था की गई है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में गंगा के कटरी क्षेत्र के इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बाढ़ नियंत्रण केंद्र कानपुर से मिली जानकारी के अनुसार हरिद्वार बैराज और नरौरा बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है। इस समय गंगा के जलस्तर 112.80 मीटर के पास है। जो चेतावनी बिंदु से 80 सेंटीमीटर ऊपर है और खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे है। हरिद्वार और नरौरा बैराज का पानी पहुंचाने के बाद स्थिति और बिगड़ने की संभावना है।
कानपुर से सटे शुक्लागंज के कई मोहल्ले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जिनमें श्रीनगर, चंपा पुरवा, हुसैन नगर, गोताखोर कॉलोनी, सैयद कंपाउंड, तेजी पुरवा, कर्बला, मालवीय नगर आदि मोहल्ले में बाढ़ का पानी हाहाकार मचा रहा है। इन इलाकों में पानी आने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। मालवीय नगर में भी नाव चल रही है।
भातू फॉर्म, रविदास नगर, शक्तिनगर द्विवेदी नगर, मनोहर नगर में भी नावें चल रही है। गंगाजल बढ़ने के साथ ही बिजली भी काट दी गई है। जिससे लोगों को अंधेरे में ही जीवन यापन करना पड़ रहा है। शिव कुमार ने बताया बच्चों की पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है। दूसरी तरफ प्रशासन में प्रभावित क्षेत्र में नाव की व्यवस्था की है। राहत शिविर भी संचालित है। लेकिन लोगों की मुस्किले कम नहीं हो रहे हैं।