
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, फोटो सोर्स- पत्रिका
Assembly Speaker Satish Mahana: उन्नाव में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि वह लोग जो कभी श्री राम मंदिर के साथ ना थे और ना हैं, कभी दर्शन करने के लिए भी नहीं गए। लेकिन दूसरों की आस्था को चोट पहुंचाने का काम किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष एक प्राइवेट स्कूल में आयोजित उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद की बैठक में शामिल होने के लिए आए थे। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष को आईना दिखाया। बोले राजनीति की जा रही है। इस मौके पर परिषद के पदाधिकारी आदि भी मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्षी पार्टियों पर हमला करते हुए कहा कि बहुत राजनीतिक दल जिन्ना के हिसाब से काम कर रहे हैं। धर्म और राजनीति के आधार पर राजनीतिक कर रहे हैं। एक राजनीतिक पार्टी कहती है कि हम 'एबीसी…' के लिए काम करेंगे लेकिन उन्होंने बाकी को छोड़ दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हम सबके लिए काम करेंगे। किसी को नहीं छोड़ेंगे। जो सबके लिए काम करने की बात कहते हैं वह खराब है और जो एबीसी की बात कर रहे हैं वह अच्छे हैं। यह कैसे हो सकता है?
उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद की बैठक सतीश महाना ने कहा कि परिषद की तरफ से सरकार को कुछ सुझाव दिए गए हैं। जिससे प्रधानाचार्य शिक्षक और छात्रों का हित हो सके। इसके लिए संवाद की आवश्यकता है। सतीश महाना ने कहा कि सभी मां-बाप अपने बच्चों के हितों के लिए सोचते हैं। प्रदेश में आदर्श युक्त शिक्षा व्यवस्था है। यह शिक्षा व्यवस्था संस्कार युक्त होनी चाहिए। हम सुधार की ओर आगे बढ़ रहे हैं। बच्चों की जो भी समस्या होगी। उनका समाधान कर लिया जाएगा।
विधानसभा में हुए विधायकों के साथ हुए विवाद पर पूछे गए सवाल पर सतीश महाना ने कहा कि श्री राम जन्म भूमि आंदोलन में उनके जैसे लाखों लोग शामिल थे। इसी दौरान जय श्री राम कहने पर उनके पिताजी को दिवाली के दिन उठाकर बंद कर दिया गया। वह संघ के अधिकारी थे, उन पर रसूका लगा दिया गया।
सतीश महाना ने कहा कि श्री राम मंदिर के प्रति करोड़ों लोगों की आस्था है। संघर्ष के बाद राम मंदिर का निर्माण हुआ है। भगवान से हम लेने के लिए जाते हैं और दान नहीं समर्पण राशि प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी ने भी अपनी समर्पण राशि वापस नहीं मांगी है। जिन्होंने गलत किया है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। इसे राजनीतिक मुद्दा ऐसे राजनीतिक दल बना रहे हैं जिन्होंने हमेशा राम मंदिर का विरोध किया है।अशोभनीय बातें कहीं। कभी राम मंदिर नहीं गए और ना ही दर्शन किया। लेकिन दूसरों की आस्था पर चोट पहुंचा रहे हैं।
Updated on:
22 Aug 2026 09:59 pm
Published on:
22 Aug 2026 09:59 pm
