पूर्व सांसद अन्नू टंडन और एडीजी को घेर लिया था भारी भीड़ ने।
उन्नाव. दुष्कर्म के आरोपी भाजपा विधायक की गिरफ्तारी को लेकर विरोधी पार्टियों ने भी मोर्चा खोल दिया है। पीडि़त किशोरी के मामले की जांच के लिए माखी गांव पहुंची एसआईटी टीम को विधायक के समर्थकों ने घेर लिया। गांव में भारी भीड़ जुटी थी। यहां पर लोग हाथ में तख्ती और पंपलेट आदि लेकर विधायक के समर्थन और मीडिया कवरेज के विरोध पर जमकर नारेबाजी कर रहे थे। यहां सबसे बड़ी बात तो यह देखने को मिली की मौके पर मौजूद भारी पुलिस फोर्स मूक दर्शक बनी थी। भीड़ ने एडीजी राजीव कृष्णा और कांग्रेस की पूर्व सांसद अन्नू टंडन को घेर लिया था। भीड़ काफी आक्रामक हो गई थी, लेकिन जैसे-तैसे पुलिस बल ने सूझबूझ का परिचय देते हुए एडीजी और अन्नू टंडन को भीड़ से बचाते हुए बाहर किया।
एसआईटी माखी थाने में पीडि़त परिवार के साथ मौजूद थी और एसआईटी ने पीडि़त परिवार का बयान लिया। इस बीच भीड़ थाने पर पहुंचने के लिए जोर अजमाइश कर रही थी। दुष्कर्म पीडि़ता किशोरी का मुकदमा दर्ज न होने और उसके पिता की पिटाई से मौत के मामले में एसआईटी टीम लखनऊ से माखी गांव पहुंची तो वहां अचानक विधायक के समर्थन में भीड़ जुट गई। ऐसा नहीं है कि यह भीड़ एकाएक जुट गई। यह पहले से ही प्रीप्लांड था। वहां भीड़ जुटाई गई थी। भीड़ ने मौके पर पहुंच कर मीडिया और एसआईटी का विरोध शुरू कर दिया। ऐसी चर्चा है कि विधायक और उनके समर्थकों ने मसल्स पावर गेम दिखाने के लिए यह सारा ताना बाना बुना था।
इस बीच पीडि़त किशोरी और उसका परिवार भी थाने पहुंचा जहां पर पहले से ही एसआईटी के अफसर मौजूद थे और उन्होंने पीडि़ता का बयान लिया। एसआईटी टीम ने शाम को बयान सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंप दिया। टीम ने यहां अन्य लोगों से भी पूछताछ की।
भारी भीड़ जुटाई गई थी
जैसे ही एसआईटी टीम माखी गांव पहुंची वैसे ही भीड़ ने उसे घेर लिया। भीड़ को टीम के साथ पीडि़त परिवार के होने की सूचना थी ऐसा माना जा रहा है। ऐसे में जिस तरह का वहां माहौल था वहां कोई बड़ा हादसा हो सकता था। भीड़ थाना घेरने के प्रयास में लगी रही। बताया जा रहा है कि विधायक के समर्थन में माखी गांव में भारी भीड़ जुटाई गई थी। अचानक गाडिय़ों से भर-भर कर दूर-दराज से लोग लाए गए थे। पंपलेट, पोस्टर लेकर पूरी तैयारी से भीड़ जुटाई गई थी। मीडिया के खिलाफ नारेबाजी के बाद भी पुलिस मूकदर्शक बनी हुई थी।
कोर्ट में सुनवाई की तारीख तय
लखनऊ. उन्नाव दुष्कर्म मामले में सीबीआई की जांच और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है, जिसे शीर्ष कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। याची एमएल शर्मा ने याचिका दाखिल कर पीडि़ता को मुआवजा दिलाने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। इसी के साथ आरोपी के सत्ताधारी दल से संबद्ध होने के कारण पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए हैं। इसी के साथ हाईकोर्ट इलाहाबाद ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए १२ अप्रैल की तारीख सुनवाई के लिए निर्धारित की है।