
Akhilesh Yadav post on X on Ganga Expressway: उन्नाव के गंगा एक्सप्रेसवे पर जलभराव से आवागमन प्रभावित है। इसको लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक पर टिप्पणी की है। उन्होंने लिखा की गंगा एक्सप्रेसवे पर भाजपाई भ्रष्टाचार की नदियां बह रही है। नाम बदलने वालों के लिए सुनहरा अवसर है। इसके साथ ही उन्होंने कटाक्ष किया कि नाम बदलने वालों के लिए सुनहरा अवसर है। गंगा एक्सप्रेसवे का नाम गंगा एक्सप्रेस वॉटर वे रख दीजिए। अंत में लिखा- नीर निंदनीय
उन्नाव में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। गंगा एक्सप्रेस-वे भी इससे अछूता नहीं रहा। टोल प्लाजा के पास करीब दो से तीन फीट पानी भर गया है। जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उल्लेखनीय है गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को किया था। जिसकी लंबाई 594 किलोमीटर है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद ही विवादों में आ गया था जब कई स्थानों पर सड़क धस गई थी। अब जल भराव के कारण गंगा एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामला वसीरतगंज टोल प्लाजा के पास का है। यह सड़क मेरठ से प्रयागराज के बीच बनाई गई है।
उन्नाव में लगातार हो रही बारिश के बाद गंगा एक्सप्रेसवे पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। वशीरतगंज टोल प्लाजा के पास एक्सप्रेसवे पर करीब 3 फीट तक पानी भर गया है। जिससे वाहनों की आवाजाही में भारी मुश्किलें आ रही हैं।
उन्नाव में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए। कभी जोर तो कभी रुक-रुक कर लगातार बारिश होती रही। जिस कारण जिले में जल भराव की स्थिति बनी हुई है। एक्सप्रेसवे पर भी बारिश का पानी भरा हुआ है। जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण करीब 3 फीट पानी भर गया है। एक्सप्रेसवे तालाब में बदल गया है। जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में किया था। निर्माण के साथ ही गंगा एक्सप्रेस वे भी चर्चा में आ गया था। जगह-जगह सड़क धसने लगी थी। करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर इस तरह जलभराव होने से निर्माण और जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई है। सवाल उठ रहा है कि जब पहली ही तेज बारिश में एक्सप्रेसवे की यह हालत है तो भविष्य में यातायात कैसे सुचारू रह पाएगा। एक्सप्रेसवे को बेहतर कनेक्टिविटी और तेज यातायात के लिए बनाया गया था, लेकिन जलभराव ने उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टोल कर्मचारी जल निकासी में लगे हुए हैं। मेरठ से प्रयागराज के बीच बनी गंगा एक्सप्रेसवे 12 जिलों से होकर गुजरती है। जो मेरठ के अतिरिक्त बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज जाती है।