पुलिस प्रशासन ने आम लोगों को केंद्रीय मोटरयान नियम के संबंध में जानकारी देते हुए अपील की है कि अपने वहां से गौरंगी बत्ती बहुरंगी बत्ती, हूटर, प्रेशर हॉर्न हटा ले। नहीं तो जुर्माना की कार्रवाई की जाएगी।
रक्षा मंत्रालय भारत सरकार और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की सूचना के आधार पर उन्नाव पुलिस ने नोटिस जारी किया है। जिसके अनुसार अवैध रूप से बहुरंगी लाल, नीली, सफेद बत्ती लगाना गैरकानूनी है। इनका उपयोग अधिकृत वाहनों में ही किया जा सकता है। प्रेशर हॉर्न और हूटर से ध्वनि प्रदूषण होता है। इसके उपयोग पर भारी भरकम जुर्माना भी लगाया जाता है। उन्नाव पुलिस की तरफ से यह जानकारी दी गई है। उन्होंने प्रेशर हॉर्न, हूटर आदि को हटा लेने की अपील की है। अन्यथा की स्थिति में कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
केंद्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम 108 के उप नियम 4 के अधीन मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए उन्नाव पुलिस ने यह जानकारी दी है कि ऐसे सरकारी वाहन जिन्हें आपात और आपदा प्रबंधन के कार्यों में लगाया गया है। उन्हें वाहन के आगे भाग पर बहुरंगी लाल, नीली और सफेद बत्ती के साथ हूटर लगाने का अधिकार है।
अग्निशमन वाहन, पुलिस, रक्षा बल अथवा अर्ध सैनिक बल के वाहनों पर कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लगाया जाता है। प्राकृतिक आपदाओं, नाभिकीय, रासायनिक एवं जीव विज्ञान आपदाओं सहित अन्य आपदाओं के प्रबंधन में लगे वाहनों पर भी बहुरंगी बत्ती का प्रयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त अन्य किसी वाहन पर इसका प्रयोग नहीं किया जा सकता है। हूटर का भी प्रयोग प्रतिबंधित है। इसलिए जो लोग इनका प्रयोग कर रहे हैं, वह अपने वाहनों से हटा ले।
यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर ऐसे वाहन चलाता या चलवाता है। तो वह सड़क सुरक्षा के संबंध में विहित मानकों का उल्लंघन करता है। ध्वनि प्रदूषण करने वाले प्रेशर हॉर्न और हूटर का उपयोग करने वाले वाहनों पर 10 हजार रुपए का शमन शुल्क लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त वाहनों में अनावश्यक रूप से छेड़छाड़ करने पर एक हजार रुपए का जुर्माना है।