
यूपी में प्रचंड गर्मी का कहर, हीटवेव अलर्ट (फोटो सोर्स : Patrika)
UP Weather Warning: उत्तर प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है और तापमान लगातार नए रिकॉर्ड छू रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के करीब 25 जिलों में हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी किया है। राजधानी लखनऊ सहित प्रयागराज और वाराणसी में तेज लू चलने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा आगरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी समेत कई अन्य जिलों में भी तापमान खतरनाक स्तर पर पहुंचने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले एक सप्ताह तक प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। तेज धूप, गर्म हवाएं और बढ़ते तापमान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
रविवार को प्रयागराज प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं वाराणसी में तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा में 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि लखनऊ में पारा 41.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तेज धूप और उमस भरी गर्मी के कारण दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है। लोग अत्यधिक जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
मौसम विभाग ने जिन जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है, उनमें प्रमुख रूप से आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, बांदा, चित्रकूट, भदोही, सहारनपुर और हमीरपुर शामिल हैं। इसके अलावा अन्य कई जिलों में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में सक्रिय गर्म हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के अभाव के कारण तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है।
भीषण गर्मी का असर आम जनजीवन पर साफ देखा जा रहा है। बाजारों में दोपहर के समय भीड़ कम हो गई है, वहीं स्कूलों और दफ्तरों में भी उपस्थिति प्रभावित हो रही है। कई जिलों में प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है या छुट्टियां घोषित करने पर विचार किया जा रहा है। सड़क पर काम करने वाले मजदूर, रिक्शा चालक और ठेला व्यवसायी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। तेज धूप और लू के कारण उन्हें काम करना मुश्किल हो रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर भी असर पड़ रहा है।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की गर्मी में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सनबर्न जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दिन के समय 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और धूप से बचाव के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और यदि निकलना जरूरी हो तो सिर को ढक कर रखें। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था बढ़ाने और चिकित्सा सुविधाओं को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली और पानी की मांग में भी भारी वृद्धि हुई है। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के लगातार उपयोग से बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। कई जगहों पर बिजली कटौती की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। पानी की बढ़ती मांग के कारण जल संकट की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है, खासकर ग्रामीण और बुंदेलखंड क्षेत्रों में।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों तक तापमान में किसी बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है। इसके विपरीत, कुछ क्षेत्रों में तापमान और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कोई सक्रिय मौसम प्रणाली विकसित नहीं होती, तब तक गर्मी का यह प्रकोप जारी रहेगा।
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Updated on:
20 Apr 2026 11:27 pm
Published on:
20 Apr 2026 11:26 pm
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