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मोदी के झालमुड़ी खाते ही वायरल: 24 घंटे में रिकॉर्ड गूगल सर्च, इंस्टाग्राम-फेसबुक पर करोड़ों व्यूज

Jhalmuri Goes Viral: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा झाड़ग्राम में झालमुड़ी खाने के बाद यह स्नैक ट्रेंड में आ गया, 24 घंटों में रिकॉर्ड गूगल सर्च और सोशल मीडिया पर करोड़ों व्यूज मिले।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Apr 21, 2026

पश्चिम बंगाल की सियासत में ‘झालमुड़ी’ की एंट्री: पीएम मोदी के स्वाद से सोशल मीडिया तक छाया देसी स्नैक (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

पश्चिम बंगाल की सियासत में ‘झालमुड़ी’ की एंट्री: पीएम मोदी के स्वाद से सोशल मीडिया तक छाया देसी स्नैक (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Jhalmuri Goes Viral After PM Modi Bite: पश्चिम बंगाल की सियासत में इस बार एक अनोखा रंग देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झाड़ग्राम दौरे के दौरान स्थानीय प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का स्वाद चखा। इसके बाद यह साधारण दिखने वाला स्नैक अचानक राष्ट्रीय और डिजिटल चर्चा का केंद्र बन गया। राजनीति के मंच से उठकर यह देसी व्यंजन सोशल मीडिया, गूगल ट्रेंड्स और जन चर्चा में छा गया है।

एक कौर और बदल गई कहानी

रविवार को झाड़ग्राम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थानीय विक्रेता से झालमुड़ी लेकर उसका स्वाद लिया। यह दृश्य कैमरों में कैद हुआ और कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में प्रधानमंत्री का सहज अंदाज और स्थानीय संस्कृति के प्रति अपनापन लोगों को खूब पसंद आया। यही कारण रहा कि यह छोटा सा पल देखते ही देखते डिजिटल दुनिया में बड़ा ट्रेंड बन गया।

गूगल पर टूटा रिकॉर्ड

सूत्रों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में झालमुड़ी को लेकर गूगल पर रिकॉर्ड स्तर पर सर्च किए गए। बताया जा रहा है कि बीते 22 वर्षों में पहली बार इस स्नैक को लेकर इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने जानकारी खोजी। लोग जानना चाहते थे कि झालमुड़ी क्या है, इसे कैसे बनाया जाता है और इसका स्वाद कैसा होता है। इससे यह स्पष्ट हो गया कि एक छोटे से सांस्कृतिक प्रतीक को भी सही मंच मिलने पर वह वैश्विक चर्चा का विषय बन सकता है।

सोशल मीडिया पर व्यूज़ की बाढ़

प्रधानमंत्री के इस वीडियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी जबरदस्त रिकॉर्ड बनाए। Instagram पर इस वीडियो को करीब 10 करोड़ से अधिक व्यूज़ मिले, जबकि Facebook पर इसे 9 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया। वीडियो के साथ लोगों ने हजारों की संख्या में कमेंट्स और शेयर किए। कई यूजर्स ने इसे ‘ग्राउंड कनेक्ट’ का उदाहरण बताया, तो कुछ ने इसे बंगाल की संस्कृति को वैश्विक मंच मिलने के रूप में देखा।

सियासत और संस्कृति का मेल

पश्चिम बंगाल की राजनीति हमेशा से ही सांस्कृतिक प्रतीकों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। इस बार झालमुड़ी ने यह भूमिका निभाई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव दिखाने के ऐसे प्रयास जनता के बीच सकारात्मक संदेश देते हैं। नरेन्द्र मोदी द्वारा स्थानीय भोजन को अपनाना न केवल एक सामान्य घटना थी, बल्कि यह एक राजनीतिक संदेश भी था,स्थानीय परंपराओं और संस्कृति के प्रति सम्मान का।

क्या है झालमुड़ी

झालमुड़ी पश्चिम बंगाल का एक लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है, जिसे मुरमुरे (पफ्ड राइस), सरसों के तेल, हरी मिर्च, प्याज, मसाले और नींबू के रस के साथ तैयार किया जाता है। इसका तीखा और चटपटा स्वाद इसे खास बनाता है। कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में यह हर गली-चौराहे पर आसानी से मिल जाता है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के बीच भी बेहद लोकप्रिय है।

स्थानीय विक्रेताओं की बढ़ी उम्मीदें

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे सकारात्मक असर स्थानीय विक्रेताओं पर पड़ा है। झालमुड़ी बेचने वाले दुकानदारों का कहना है कि अचानक उनके व्यवसाय में रुचि बढ़ गई है। कई विक्रेताओं ने बताया कि लोग अब खास तौर पर ‘वही झालमुड़ी’ मांग रहे हैं, जिसे प्रधानमंत्री ने खाया था। इससे उनके कारोबार में भी तेजी आने की उम्मीद है।

डिजिटल युग में छोटे पलों की बड़ी ताकत

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि डिजिटल युग में छोटे-छोटे पल भी बड़े प्रभाव डाल सकते हैं। एक साधारण वीडियो न केवल वायरल होता है, बल्कि वह सांस्कृतिक और आर्थिक प्रभाव भी पैदा कर सकता है। सोशल मीडिया की ताकत ने झालमुड़ी को स्थानीय स्तर से उठाकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है।