
लखनऊ में भीषण गर्मी का असर: बदला स्कूलों का समय, बच्चों को मिली राहत (फोटो सोर्स : AI)
Schools Timing Change Lucknow: राजधानी लखनऊ में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया है। नए आदेश के अनुसार अब विद्यालयों में कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित होंगी, जबकि शिक्षकों को दोपहर 1:30 बजे तक विद्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य छात्रों को तेज धूप और लू के प्रभाव से बचाते हुए सुरक्षित वातावरण में शिक्षा सुनिश्चित करना है।
पिछले कुछ दिनों से लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। दोपहर के समय गर्म हवाओं और लू के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा था। अभिभावकों और शिक्षकों की ओर से लगातार यह मांग उठ रही थी कि स्कूलों के समय में बदलाव किया जाए, ताकि बच्चों को गर्मी से राहत मिल सके। प्रशासन ने इन परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए यह फैसला किया है, जिससे छात्रों के स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों का संतुलन बना रहे।
नए आदेश के तहत अब सभी स्कूलों में पढ़ाई सुबह जल्दी शुरू होगी और दोपहर से पहले समाप्त कर दी जाएगी। सुबह का समय अपेक्षाकृत ठंडा होने के कारण छात्रों को पढ़ाई में भी सुविधा होगी और उन्हें लू के संपर्क में आने से भी बचाया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह के समय पढ़ाई करने से बच्चों की एकाग्रता भी बेहतर रहती है, जिससे सीखने की क्षमता में वृद्धि होती है।
जहां छात्रों को दोपहर 12:30 बजे तक छुट्टी मिल जाएगी, वहीं शिक्षकों को 1:30 बजे तक विद्यालय में रहना होगा। इस दौरान वे प्रशासनिक कार्य, कॉपियों की जांच और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को पूरा करेंगे। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया गया है कि छात्रों को जल्दी छुट्टी मिले, लेकिन विद्यालय का शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो।
स्कूल समय में बदलाव के इस फैसले का अभिभावकों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि तेज गर्मी में बच्चों को स्कूल भेजना चिंता का विषय बन गया था। अब सुबह के समय स्कूल होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता कम हुई है। कई अभिभावकों ने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों में गर्मी के कारण बच्चों की तबीयत खराब होने की शिकायतें बढ़ गई थीं, ऐसे में यह फैसला बेहद जरूरी था।
बच्चों के लिए यह बदलाव किसी खुशी से कम नहीं है। सुबह जल्दी स्कूल जाना और दोपहर से पहले छुट्टी मिल जाना उनके लिए राहत भरा है। साथ ही, दोपहर के समय उन्हें आराम करने और अन्य गतिविधियों के लिए भी समय मिल सकेगा। कुछ छात्रों ने बताया कि अब उन्हें धूप में घर लौटने की परेशानी नहीं होगी, जिससे वे खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की गर्मी में बच्चों को विशेष सावधानी की जरूरत होती है। लू लगने, डिहाइड्रेशन और थकावट जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। ऐसे में स्कूल समय में बदलाव एक सकारात्मक कदम है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बच्चे घर से निकलते समय पर्याप्त पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें। साथ ही, अभिभावकों को भी बच्चों के खान-पान और पानी की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
लखनऊ में स्कूल समय में बदलाव के बाद अब संभावना जताई जा रही है कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह के फैसले लिए जा सकते हैं। खासकर उन क्षेत्रों में जहां तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। यदि गर्मी का प्रकोप इसी तरह जारी रहा, तो प्रशासन और भी सख्त कदम उठा सकता है, जैसे स्कूलों में अवकाश घोषित करना या ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प अपनाना।
जिला प्रशासन ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। स्कूल परिसर में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, कक्षाओं में वेंटिलेशन और गर्मी से बचाव के उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है।
Published on:
20 Apr 2026 11:02 pm
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