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आजमगढ़ हत्याकांड: चश्मदीद ने सुनाई आंखों देखी, जानिए आरोपी ने कैसे पत्नी, बेटे और पुजारियों को मारी गोली

Azamgarh encounter: आजमगढ़ में 4 लोगों की हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी पुलिस की मुठभेड़ में मारा गया। बताया जा रहा है कि घर में पांच दिवसीय अनुष्ठान चल रहा था।
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Sep 23, 2026
Azamgarh news

Azamgarh Murder News: आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में अनुष्ठान के दौरान अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। देर रात एटीएस कमांडो की कार्रवाई में आरोपी की मौत हो गई।

चश्मदीद हिमांशु मिश्रा ने उस खौफनाक मंजर की आपबीती सुनाई है। हिमांशु अपने पंडित पिता अखिलेश मिश्रा के साथ अरविंद सिंह के घर पर चल रहे पूजा-अनुष्ठान में शामिल होने गया था। हिमांशु के मुताबिक, घर में 5 दिनों का अनुष्ठान रखा गया था और घटना के दिन पूजा का चौथा दिन था। यह पूजा परिवार की बाधाओं को दूर करने और बुद्धि-शुद्धि के उद्देश्य से कराई जा रही थी। हिमांशु बताता है कि अरविंद सिंह की ही मानसिक स्थिति और बुद्धि सबसे ज्यादा खराब थी और उसे पूजा-पाठ में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं थी।

पहले लाठी लेकर आया, फिर रिवॉल्वर से मारी गोली

चौथे दिन जब पूजा संपन्न कराकर पंडित जी लोग जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी अरविंद सिंह अचानक उग्र हो गया और उनसे आधार कार्ड मांगने लगा। पास आधार कार्ड नहीं होने से नाराज होकर अरविंद पहले लाठी उठा लाया और फिर बंदूक ले आया। अरविंद ने बंदूक तानकर एक पंडित पर गोली चलाई, लेकिन बीच में उसकी पत्नी आ गई और गोली लगते ही उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके बाद भागने की कोशिश कर रहे दूसरे पंडित पर अरविंद ने फायर कर दिया, जिससे उनकी भी मौत हो गई।

मीडिया से बातचीत में हिमांशु बताता है कि उसके पिता अपनी जान बचाने के लिए अरविंद की माताजी के पीछे छुप गए। अरविंद ने उन पर पहली गोली चलाई जो चूक गई, लेकिन दूसरी गोली सीधे उसके पिता को जा लगी और उनकी भी जान चली गई। वह किसी तरह अपनी जान बचाकर छत की दीवार कूदकर वहां से भाग निकला। वारदात के बाद अरविंद अपने तीन बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया।

बच्चों को गोली मारने की देता रहा धमकी

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को समझाकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। कई घंटे तक पुलिस और आरोपी के बीच गतिरोध बना रहा। इस दौरान आरोपी लगातार बच्चों को गोली मारने की धमकी देता रहा। इसी बीच उसने कमरे में मौजूद एक बच्चे पर भी गोली चला दी।

स्थिति बिगड़ने पर लखनऊ से एटीएस कमांडो की टीम को बुलाया गया। करीब रात 12:30 बजे कमांडो मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने टीम पर करीब पांच राउंड फायर किए। जवाबी कार्रवाई में कमांडो ने चार राउंड फायरिंग की, जिसमें अरविंद की मौत हो गई। कमरे से आरोपी की 11 वर्षीय बेटी घायल अवस्था में मिली। उसके हाथ में गोली लगी थी। पुलिस ने अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

आठ साल पहले हुई थी भाई की मौत

बताया जा रहा है कि करीब आठ साल पहले अरविंद के भाई की मौत हुई थी। इसके बाद परिवार में कथित भूत-प्रेत के साये को लेकर आशंका बनी हुई थी। इसी क्रम में अरविंद के ऊपर से कथित नकारात्मक प्रभाव हटाने के लिए घर में अनुष्ठान कराया जा रहा था।

पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। वारदात में इस्तेमाल हथियार, अनुष्ठान कराने वाले लोगों की भूमिका और घटना से पहले तथा दौरान हुई गतिविधियों की जांच की जा रही है। घटना के बाद गांव में तनाव और दहशत का माहौल है।

Updated on:
23 Sept 2026 01:16 pm
Published on:
23 Sept 2026 07:39 am