Cybercrime:Banda Police ने चोरी व खराब मोबाइल को ठीक कर साइबर ठगों को बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया। 9 आरोपी गिरफ्तार हुए, भारी मात्रा में मोबाइल, पार्ट्स और नकदी बरामद की गई।
बांदा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह का कामकाज बेहद शातिर था—सदस्य चोरी, खोए या खराब मोबाइल फोन खरीदते, उन्हें तकनीकी रूप से दुरुस्त करते और फिर साइबर ठगों को सप्लाई कर देते थे। इन मोबाइलों का इस्तेमाल विभिन्न राज्यों में ठगी के लिए किया जाता था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान अंतरराज्यीय गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से कई मोबाइल फोन और उपकरण भी बरामद हुए हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी संगठित तरीके से गांव-गांव घूमकर सस्ते दामों पर पुराने, खोए और चोरी के मोबाइल खरीदते थे। इसके बाद ये लोग तकनीकी छेड़छाड़ कर मोबाइल के मदरबोर्ड बदल देते या उनके IMEI नंबर को संशोधित कर उन्हें दोबारा सक्रिय बना देते थे। जांच में सामने आया कि इन तैयार किए गए मोबाइल फोन का इस्तेमाल साइबर ठगी, फ्रॉड कॉलिंग और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जाता था। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को निशाना बनाया गया और गिरोह की पहुंच कई राज्यों तक फैली हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सामान बरामद हुआ है। इसमें 88 एंड्रॉयड और की-पैड मोबाइल फोन, 92 मोबाइल मदरबोर्ड, 66 बैटरियां, 20 फर्जी खरीद बिल, 11 हजार रुपये नकद और 7 दोपहिया वाहन शामिल हैं। यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और बड़े पैमाने पर काम कर रहा था। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे खास तौर पर खराब या ब्लॉक किए गए मोबाइल को खरीदते थे। फिर तकनीकी उपकरणों की मदद से उनका IMEI बदलकर उन्हें दोबारा चालू कर देते थे। इसके बाद इन मोबाइल को अलग-अलग राज्यों में सक्रिय साइबर गैंग को ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार यह साइबर ठगी का गिरोह राजस्थान और हरियाणा समेत कई राज्यों तक सक्रिय था। ठगी की वारदातों को अंजाम देने के लिए इन मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जाता था। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बनाते थे। अब पुलिस इस नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है, ताकि इसमें शामिल अन्य सदस्यों की पहचान हो सके और यह पता लगाया जा सके कि गिरोह की पहुंच किन-किन राज्यों तक फैली हुई है।
बांदा पुलिस के अनुसार नौ लोगों की गिरफ्तारी की गई है।