वाराणसी के काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट की दूसरी शाखा बंद कर दी गई है। अब यहां श्रद्धालुओं को प्रसाद नहीं मिल रहा है। बताया जा रहा है की रसोई गैस की कमी हो गई है, जिसकी वजह से फिलहाल इसे बंद किया जा रहा है....
वाराणसी: मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध के बाद अब पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत साफ देखने को मिल रही है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। देश के कई राज्यों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि घरेलू गैस की उपलब्धता कम हो गई है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में पर्याप्त मात्रा में ईंधन और घरेलू गैस उपलब्ध है। इसी कड़ी में करीब दो दशक से अधिक समय से संचालित हो रहे काशी के मां अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट में भी प्रसाद बना बंद हो गया है और वजह गैस उपलब्ध न होना बताया जा रहा है।
काशी के बारे में कहा जाता है कि यहां कोई व्यक्ति भूखे पेट नहीं सोता और मां अन्नपूर्णा हर किसी का पेट भरती हैं, चाहें वह गरीब हो या अमीर, लेकिन अब यह परंपरा टूटती हुई नजर आ रही है। काशी के मां अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट की द्वितीय शाखा में प्रसाद बनना बंद हो गया है। बताया जा रहा है कि रसोई में गैस उपलब्ध नहीं है, जिसकी वजह से प्रसाद नहीं बन पा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, ट्रस्ट 25 साल पहले शुरू किया गया था, जिसे महंत रामेश्वर पुरी ने इस प्रण के साथ शुरू कराया था कि इस अन्नक्षेत्र में कभी प्रसाद बनना बंद नहीं होगा। कोरोना कल में भी इस अन्नक्षेत्र में भोजन की पर्याप्त व्यवस्था थी। यहां प्रतिदिन करीब 8 से 10 हजार श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं, लेकिन अब यह परंपरा टूट गई है। वहीं, अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट की पहली शाखा में यह सुविदा फिलहाल जारी है।
भारत के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि ट्रस्ट के पास जाने पर उन्हें बताया गया कि प्रसाद नहीं मिल पाएगा। श्रद्धालुओं की मानें तो बताया जा रहा है की रसोई गैस खत्म हो चुका है, जिसके कारण प्रसाद मिलना संभव नहीं है। दूर दराज से आए श्रद्धालु श्रद्धा के साथ मां अन्नपूर्णा का प्रसाद ग्रहण करने की कामना रखे हुए थे, लेकिन इस जानकारी के बाद उन्हें अब निराश लौटना पड़ रहा है।
इस बारे में ट्रस्ट के ट्रस्टी और अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकरपुरी से बात करने की कोशिश की गई तो उसे संपर्क नहीं हो पाया। इस दौरान ट्रस्ट में मौजूद कर्मचारियों ने भी कुछ बताने से इनकार किया, लेकिन दबी जुबान में सभी का यही कहना था कि गैस की उपलब्धता नहीं है, इसी वजह से इसे बंद किया गया है। काशी अन्नपूर्णा अन्न क्षेत्र ट्रस्ट की रसोई के बंद होने के बाद काशी और बाहर से आए अन्य लोग हैरान दिख रहें हैं। हालांकि, ट्रस्ट वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने में जुटा हुआ है।