मऊ। जनपद में रविवार को शिक्षकों और कर्मचारियों ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासभा के नेतृत्व में सोनीधापा मैदान से रोडवेज स्थित अलगू राय शास्त्री की प्रतिमा तक प्रदर्शन और कैंडल मार्च निकाला गया।प्रदर्शन में अटेवा, उत्तर प्रदेश […]
मऊ। जनपद में रविवार को शिक्षकों और कर्मचारियों ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासभा के नेतृत्व में सोनीधापा मैदान से रोडवेज स्थित अलगू राय शास्त्री की प्रतिमा तक प्रदर्शन और कैंडल मार्च निकाला गया।
प्रदर्शन में अटेवा, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, शिक्षामित्र संघ, अनुदेश संघ, वीबीटी संघ, पंचायती राज ग्रामीण कर्मचारी संघ तथा माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के सैकड़ों शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में टीईटी को अनिवार्य बनाए जाने का विरोध किया।
माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के जिला अध्यक्ष जयराम यादव ने कहा कि सरकार द्वारा आरटीई एक्ट 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी लागू करना उनके सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि वर्षों से कार्यरत शिक्षकों का इस प्रकार अपमान किया जाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्यक्रम में अटेवा आजमगढ़ मंडल के मंडलीय मंत्री राजेश सिंह, मऊ के जिला अध्यक्ष नीरज राय, जिला संरक्षक श्याम सुंदर यादव, कोषाध्यक्ष रामविलास सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा जनार्दन सिंह, रामविजय यादव, विमलकांत, अशोक मौर्य, देवानंद, पुष्कर राय, समीर राय, विनय प्रकाश यादव, दीपक सिंह समेत अनेक शिक्षक और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कैंडल मार्च निकालते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।