Muzaffarnagar Pashu Mela: मेले में कई राज्यों से पशु आए हुए हैं। इन पशुओं के बीच गोलू भैंसे की खूब चर्चा है।
मुजफ्फरनगर में गुरुवार से 2 दिन का पशु मेला शुरू हुआ है। इस मेले में पानीपत के डिडवाडी गांव के नरेंद्र सिंह भी पहुंचे हैं। पशुपालन के लिए 2019 में पद्मश्री पुरस्कार जीत चुके नरेंद्र सिंह अपने भैंसे गोलू-2 के साथ मेले में आए हैं।
नाम गोलू-2 क्यों है?
भैंसे के मालिक नरेंद्र सिंह ने मुजफ्फरनगर के यूट्यूब चैनल ASB News को बताया है कि इस भैंसे के दादा का नाम गोलू था। अब उन्होंने इसका नाम गोलू-2 रख दिया है। ये भैंसा दादरी में इसी साल बेस्ट एनिमल बनकर 5 लाख का इनाम जीत चुका है।
गोलू-2 की खासियत बताते हुए नरेंद्र कहते हैं, इस भैंसे की चौड़ाई करीब 3 फीट है। जो राज्य में शायद ही किसी भैंसे की हो। इसकी कमर भी ऊपर से एक समान है और इसका वजन 16 कुंटल है।
सीमन से कमाते हैं लाखों
नरेंद्र सिंह का कहना है कि सीमन बैंक वालों ने 10 करोड़ रुपए देने की बात उनको कही थी लेकिन उन्होंने गोलू-2 को बेचने से इनकार कर दिया। नरेंद्र सिंह भी इस भैंसे का सीमन बेचकर लाखों में कमाई करते हैं। साल में आठ महीने वो लाखों रुपए महीने के हिसाब से सीमन बेचते हैं।
क्या खाता है गोलू-2?
भैंसे की खुराक पर नरेंद्र सिंह कहते हैं कि कुछ खास नहीं, चारा और भूसा ही इसको खिलाते हैं। इसके चारे पर करीब 25 से 30 हजार रुपए हर महीने खर्च हो जाते हैं। पशुपालन के लिए ही उनको पद्मश्री पुरस्कार मिला था।
पशुओं के हो रहे कई कंम्पिटिशन
2 दिन के इस मेले में गाय, भैंस, घोड़ा, बकरी, भेड़ जैसे जानवर शामिल हो रहे हैं। ये जानवर मेले के दौरान कैटवॉक और कई दूसरे कम्पिटिशन में हिस्सा ले रहे हैं। पशुओं की 18 श्रेणियों में इनाम के तौर पर 50 लाख रुपए की राशि बांटी जाएगी।
मेले में काफी संख्या में किसान पहुंच रहे हैं। किसानों के बीच गाय-भैसों का रैंप वॉक और दूसरे करतब देखने के लिए काफी दिलचस्पी है। मेले में 150 स्टाल लगाए जाएंगे। इन स्टॉल पर 75 खेती में काम आने वाली मशीने, ड्रोन, एग्री-स्टार्टअप, गन्ना, गेंहू, धान और डेयरी-पशुपालन से जुड़ी जानकारी ली जा सकती है।