26 जून को यूपी के प्रयागराज में डिरेल हुई मालगाड़ी मामले में जांच के बाद बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिसपर डीआरए ने कार्रवाइ्र के लिए पत्र भी लिख दिया है।
Rail accident: दिल्ली हावड़ा रूट पर प्रयागराज जंक्शन के यार्ड में 26 जून को डिरेल हुई मालगाड़ी के मामले में छह सदस्यीय जे ग्रेड जूनियर एडमिनिस्ट्रेशन टीम ने जांच के बाद बड़ी लापरवाही की पुष्टि की है। जिसमें बताया गया कि कोयले के कारण मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतरे और लगभग 4 घंटे दिल्ली हावड़ा रूट बाधित रहा।
बताया गया कि 59 डिब्बों वाली ट्रेन में 18वें डिब्बे के अंदर एक हिस्से में तीन मीटर तक कोयला भरा हुआ था। जबकि दूसरी तरफ खाली था। ट्रेन जब निरंजन पुल पर पहुंची और छिवकी की ओर जाने के लिए लाइन बदलने लगी तो इस स्थान पर मोड़ है। असमान लोड होने के कारण जब कोयला वाला वैगन मोड़ पर पहुंचा तो एक तरफ झुक गया और बैलेंस बिगड़ा। जिससे वैगन के पहिया पटरी से नीचे उतर गए। इससे 18वें वैगन के पीछे लगे 19 और 20 नंबर के वैगन भी पटरी से नीचे आ गए। यह रिपोर्ट डीआरए हिमांश डोनी की सौंप दी गई है। डीआरए में एटा के जिस पावर प्लांट में कोयला उतारा गया था, वहां के प्रबंधन को जांच रिपोर्ट की कापी भेजी है, और कार्रवाई के लिए भी पत्र लिखा है।
जारी हुआ था मालगाड़ी खाली होने का सर्टिफिकेट
26 जून को कोयले के कारण पटरी से उतरी ट्रेन के खाली होने का भी सर्टिफिकेट जारी किया गया था। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि क्या बिना जांच किए ही सर्टिफिकेट जारी किया गया। चर्चा यह भी है कि गलत तरीके से सर्टिफिकेट जारी करके बचा हुआ कोयला कहीं और उतारने की तैयारी तो नहीं थी।