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योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, GCC नीति की एसओपी मंजूर, यूपी बनेगा ग्लोबल सर्विस हब

UP Cabinet Clears GCC Policy SOP 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जीसीसी नीति-2024 की एसओपी-2025 को मंजूरी मिल गई। इस फैसले से उत्तर प्रदेश में आईटी, आरएंडडी और ग्लोबल सर्विस सेक्टर में निवेश बढ़ेगा और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jan 07, 2026

जीसीसी नीति-2024 की एसओपी-2025 को योगी कैबिनेट की मंजूरी, उत्तर प्रदेश बनेगा ग्लोबल सर्विस हब    (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

जीसीसी नीति-2024 की एसओपी-2025 को योगी कैबिनेट की मंजूरी, उत्तर प्रदेश बनेगा ग्लोबल सर्विस हब    (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

UP Cabinet Clears GCC Policy: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (Global Capability Centre – GCC) नीति-2024 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैयार की गई नियमावली-2025 (एसओपी) को कैबिनेट की हरी झंडी मिल गई। इस महत्वपूर्ण निर्णय के साथ ही प्रदेश में उच्च कौशल आधारित निवेश, आधुनिक सेवाओं और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ गया है। राज्य सरकार का यह कदम उत्तर प्रदेश को देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख सेवा एवं ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

कैबिनेट से अनुमोदित इस नियमावली के तहत इन्वेस्ट यूपी को जीसीसी नीति के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी नामित किया गया है। यह एसओपी जीसीसी नीति-2024 के प्रख्यापन की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी और राज्य सरकार द्वारा इसमें संशोधन या समाप्ति किए जाने तक लागू रहेगी।

क्या है जीसीसी (Global Capability Centre)

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर किसी भारतीय या विदेशी कंपनी द्वारा स्थापित ऐसी कैप्टिव इकाई होती है, जो अपनी मूल कंपनी के लिए उच्च स्तरीय और रणनीतिक कार्यों का निष्पादन करती है। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), अनुसंधान एवं विकास (R&D), इंजीनियरिंग, डिजाइन, वित्तीय सेवाएं, मानव संसाधन, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नॉलेज सर्विसेज और बैक-एंड ऑपरेशंस जैसे क्षेत्र शामिल होते हैं। अब तक देश में बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और गुरुग्राम जैसे शहर जीसीसी के प्रमुख केंद्र रहे हैं, लेकिन योगी सरकार की नई नीति के बाद उत्तर प्रदेश भी इस सूची में तेज़ी से उभरने की तैयारी में है।

21 कंपनियों ने शुरू किया निवेश

कैबिनेट बैठक के बाद औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल लगातार बेहतर हुआ है। उन्होंने कहा कि “जीसीसी नीति हमारे लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 21 औद्योगिक कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में जीसीसी के अंतर्गत निवेश प्रारंभ कर दिया है। आने वाले समय में और भी बहुराष्ट्रीय कंपनियां प्रदेश में निवेश के लिए आगे आएंगी।”

उन्होंने बताया कि इस नीति के जरिए न केवल निवेश बढ़ेगा, बल्कि 10,000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। खास बात यह है कि ये रोजगार उच्च कौशल और बेहतर वेतन वाले होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।

इन्वेस्ट यूपी को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी

नियमावली-2025 के अनुसार, जीसीसी से जुड़े सभी प्रस्तावों की प्रक्रिया, स्वीकृति, समन्वय और निगरानी की जिम्मेदारी इन्वेस्ट यूपी को दी गई है। इन्वेस्ट यूपी निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से भूमि आवंटन, अनुमोदन, प्रोत्साहन वितरण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा सकेगा।

वित्तीय प्रोत्साहनों की आकर्षक व्यवस्था

जीसीसी नीति की एसओपी-2025 में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहनों का व्यापक पैकेज तैयार किया गया है। इसके तहत-

  • फ्रंट एंड लैंड सब्सिडी
  • स्टाम्प ड्यूटी में छूट या प्रतिपूर्ति
  • पूंजीगत सब्सिडी
  • ब्याज सब्सिडी
  • संचालन व्यय (OPEX) सब्सिडी
  • पेरोल एवं भर्ती सब्सिडी
  • ईपीएफ प्रतिपूर्ति
  • प्रतिभा विकास एवं कौशल प्रशिक्षण प्रोत्साहन
  • अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप सहयोग
  • केस-टू-केस आधार पर विशेष प्रोत्साहन

जैसे कई लाभ प्रदान किए जाएंगे। इन वित्तीय प्रोत्साहनों के अतिरिक्त, तकनीकी सहायता समूह, इंडस्ट्री लिंकेज सपोर्ट और विनियामक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

केंद्र सरकार की योजनाओं से मिलेगा अतिरिक्त लाभ

नियमावली में यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रोत्साहन, केंद्र सरकार की किसी भी योजना या नीति के तहत मिलने वाले लाभों के अतिरिक्त होंगे। यानी निवेशकों को डबल बेनिफिट मिलेगा। किसी भी कानूनी विवाद की स्थिति में न्यायिक क्षेत्राधिकार केवल लखनऊ स्थित न्यायालयों का होगा, जिससे निवेशकों को स्पष्टता और भरोसा मिलेगा।

युवाओं के लिए नए अवसर

विशेषज्ञों का मानना है कि जीसीसी नीति से उत्तर प्रदेश में आईटी, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, डेटा साइंस और रिसर्च से जुड़े युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर अवसर पैदा होंगे। इससे राज्य में स्किल्ड वर्कफोर्स का बेहतर उपयोग होगा और स्थानीय प्रतिभाओं को वैश्विक कंपनियों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा।

उत्तर प्रदेश को मिलेगा वैश्विक पहचान

योगी सरकार का यह निर्णय उत्तर प्रदेश को ग्लोबल सर्विस हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और अब आकर्षक औद्योगिक नीतियों के चलते प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। जीसीसी नीति-2024 और उसकी एसओपी-2025 इस परिवर्तन को और गति देने का काम करेंगी।