लोकसभा चुनाव से ही कुंडा के विधायक राजा भैया काफी चर्चा में बने हुए हैं। बीजेपी को समर्थन न देने और उसके बाद कांग्रेस के कद्दावर नेता से राजा भैया की मुलाकात कई सवाल खड़े कर रही है।
कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया पिछले कुछ समय से काफी सुर्खियों में हैं, और आखिर हो भी क्यों न। लोकसभा चुनाव चल रहा है, कई सीटों पर राजा भैया का अच्छा प्रभाव जो माना जाता है। पांचवे चरण के चुनाव के पहले राजा भैया और अमित शाह की भी मुलाकात हुई थी। दोनों नेताओं में कई मुद्दों को लेकर चर्चा भी हुई, लेकिन मुलाकात का परिणाम बीजेपी के पक्ष में नहीं गया। नतीजा यह निकला कि कौशांबी लोकसभा सीट जिसपर राज भैया (Raja Bhaiya) की पकड़ सबसे बजबूत मानी जाती है, वहां चुनाव से पहले राजा भैया ने अपने समर्थकों को निजि विचार से वोट करने को कह दिया। यानि राजा भैया ने बीजेपी को समर्थन नहीं दिया। इसके अलावा उन्होंने वहां के भाजपा प्रत्याशी से भी नाराजगी जताई। इसके बाद अब राजा भैया से मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के कद्दावर नेता अर्जुन सिंह के बेटे कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने मुलाकात की।
दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात में चुनावी चर्चा की भी बातें बताई जा रही हैं। ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या बची हुई सीटों पर राजा भैया का समर्थन कांग्रेस को मिल सकता है। अभी प्रतापगढ के अलावा बगल की ही इलाहाबाद, फूलपुर सीट पर भी चुनाव होने हैं। जहां इलाहाबाद से कांग्रेस प्रत्याशी उज्जवल रमण सिंह मैदान में हैं। वहीं फूलपुर में भी गठबंधन के प्रत्याशी को काफी मजबूत माना जा रहा है। चर्चा है कि यदि राजा भैया ने कांग्रेस की ओर रुख किया तो बीजेपी के लिए मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं।