
Ghazipur Murder: गाज़ीपुर कोतवाली पुलिस ने युवक की हत्या कर शव गंगा नदी में फेंकने के मामले का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर पहले अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद जांच के दौरान सच्चाई सामने आई।
पुलिस के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र निवासी धर्मदेव सिंह यादव ने अपने पुत्र मनोहर सिंह यादव (34) के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की जांच के दौरान एसडीआरएफ टीम और स्थानीय गोताखोरों की मदद से गंगा नदी में खोज अभियान चलाया गया, जिसमें मनोहर का शव बरामद हुआ। शिनाख्त के बाद पुलिस ने मेदनीपुर, थाना सुहवल निवासी दीपा सिंह और उसके भाई परीक्षित सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मनोहर दीपा का कॉलेज का सहपाठी और परिचित था। दीपा वर्तमान में मऊ जिले में स्थित स्टेट बैंक शाखा में कार्यरत है। आरोप है कि मनोहर ने करीब एक वर्ष पूर्व दीपा से ढाई लाख रुपये उधार लिए थे, जिसके लिए उसने अपनी एफडी तुड़वाई थी। समय पर रकम वापस न करने और आपसी विवाद के चलते दोनों के बीच तनाव बढ़ता चला गया।
पुलिस के अनुसार, नौ फरवरी को मनोहर दीपा से मिलने सुहवल क्षेत्र स्थित गंगा नदी पुल के नीचे पहुंचा था। इसी दौरान पैसों को लेकर कहासुनी हुई, जो बढ़कर हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान दोनों भाई-बहन ने मिलकर मनोहर की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को गंगा नदी में फेंक दिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए मामले में आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही अन्य साक्ष्यों के आधार पर विवेचना की जा रही है।
Published on:
14 Feb 2026 10:24 pm
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