
Secunderabad Arms Theft Case: तेलंगाना के सिकंदराबाद की एक अदालत ने पूर्व सेना एनसीओ उप्पुथोल्ला मल्लेश को हथियार और गोला-बारूद चोरी के मामले में सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। यह मामला बोलारम स्थित 20 बटालियन, मद्रास रेजिमेंट के शस्त्रागार से हथियार और गोला-बारूद चोरी किए जाने से जुड़ा है। गिरफ्तारी के बाद शुरुआती पूछताछ में मल्लेश ने जो जानकारी दी है, उसके आधार पर जांचकर्ता उससे आगे पूछताछ करेंगे।
37 वर्षीय मल्लेश पर 30 और 31 अगस्त की दरम्यानी रात शस्त्रागार से हथियार और गोला-बारूद चोरी करने का आरोप है। तेलंगाना पुलिस ने 11 सितंबर को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। गिरफ्तारी वाले दिन ही उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था और चंचलगुडा सेंट्रल जेल में रखा गया था। अब अदालत ने उसे सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है।
पुलिस पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारियों को तेलंगाना पुलिस राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और सेना के अधिकारियों के साथ भी साझा करेगी। इसके आधार पर मामले की आगे जांच की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि चोरी की वारदात में मल्लेश के साथ कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। इसके अलावा यह भी जांच की जाएगी कि क्या उसने चोरी किए गए हथियार किसी अन्य व्यक्ति को छिपाने के लिए सौंपे थे।
तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सी. वी. आनंद ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि प्रारंभिक जांच में ऐसा लगता है कि मल्लेश ने इस अपराध को अकेले अंजाम दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि पुलिस दूसरे लोगों की संभावित भूमिका को लेकर जांच जारी रखे हुए है। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान इसी पहलू पर भी जानकारी जुटाई जाएगी।
डीजीपी के मुताबिक, 20 बटालियन, मद्रास रेजिमेंट के कोट एवं मैगजीन से चोरी किया गया हथियार और गोला-बारूद का पूरा जखीरा बरामद कर लिया गया है। बोलारम पुलिस, हैदराबाद टास्क फोर्स और एसओटी मलकाजगिरी कमिश्नरेट की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए मल्लेश को गिरफ्तार किया था।
डीजीपी ने कहा था कि प्रारंभिक जांच में चोरी के पीछे मल्लेश की समय से पहले हुई सेवानिवृत्ति को लेकर नाराजगी सामने आ रही है। नागारकर्नूल जिले के रहने वाले मल्लेश ने वर्ष 2010 में भारतीय सेना में भर्ती होकर करीब 16 साल तक सेवा की थी। वह 30 जून 2026 को अनुशासनहीनता और खराब स्वास्थ्य के आधार पर सेवा से सेवानिवृत्त हुआ था।
जांच के बाद पुलिस का ध्यान नागारकर्नूल जिले के जंगारेड्डीपल्ली गांव के रहने वाले मल्लेश पर गया। वह सिकंदराबाद कैंटोनमेंट के बालाजीनगर में अपने परिवार के साथ रह रहा था। पुलिस के अनुसार, 27 अगस्त से लेकर वारदात वाले दिन तक उसकी गतिविधियां संदिग्ध थीं और उसके बयानों से मेल नहीं खा रही थीं। जांच में सामने आया कि मल्लेश ने 27, 28 और 29 अगस्त को हथियार रखने वाले स्थान की रेकी की थी।
पुलिस जांच के मुताबिक, 30 अगस्त की रात मल्लेश ने हथियार और गोला-बारूद रखने वाले स्टोर का ताला तोड़ा। इसके बाद चोरी किए गए सामान को बाइक पर ले गया। बाद में उसने इन्हें अपनी कार के जरिए नागारकर्नूल जिले में पहुंचाया और अपने घर के पास छिपा दिया।
पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए चोरी के हथियार और गोला-बारूद में चार AK-203 असॉल्ट राइफल और उनके पांच मैगजीन शामिल हैं। इसके अलावा एक INSAS राइफल के साथ तीन मैगजीन और छह 9 एमएम पिस्तौल के साथ 12 मैगजीन बरामद किए गए। इसके अलावा एक सिविल 6.35-बोर पिस्तौल और उसका एक मैगजीन, एक पैसिव नाइट-विजन बाइनोक्युलर भी बरामद हुआ। गोला-बारूद में 9 एमएम पिस्तौल के 1,156 राउंड, AK-203 के 720 राउंड तथा 5.56 एमएम INSAS के 11 बॉल, 5 ट्रेसर और 20 ब्लैंक राउंड शामिल हैं। अब सात दिन की पुलिस हिरासत के दौरान मल्लेश से आगे पूछताछ की जाएगी। पुलिस का फोकस चोरी की पूरी कड़ी, संभावित सहयोगियों और हथियारों को छिपाने से जुड़े पहलुओं पर रहेगा।