यूपी न्यूज

हाथ पर लिखा, “सॉरी..साथ जिएंगे साथ मरेंगे”..दुर्घटना में पत्नी की मौत, फंदा लगाकर पति ने भी दी जान

सोमवार को हरदोई में एक दर्दनाक हादसा हो गया। सुबह अस्पताल के लिए निकली स्टाफ नर्स को अज्ञात वाहन ने ठोकर मार उसे रौंदता हुआ निकल गया। पति ने जब दुर्घटना का विडियो देखा तब बदहवास होकर घर भागा वहां कमरे में उसने फंदा लगाकर जान दे दी।

2 min read
Apr 22, 2024

जिले में हुई हृदय विदारक घटना में लखनऊ-हरदोई हाईवे पर स्कूटी से ड्यूटी पर जा रही नर्स को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। घटना के 2 घंटे बाद ही पति ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।पति ने अपने हाथ पर लिखा- ''सॉरी..साथ जिएंगे साथ मरेंगे''। पति-पत्नी अपने अपने माता पिता की इकलौती संतानें थी। घटना से दोनों के ही परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

सुरसा थाने के दाऊदपुर के रहने वाले योगेश कुमार (25) पुत्र पुत्तू लाल की शादी करीब 3 महीने पहले ही कोतवाली शहर के धन्नुपुरवा की मणिकर्णिका गौतम के साथ हुई थी। योगेश पिहानी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय टीकमपुर में सहायक अध्यापक था। उसकी पत्नी मणिकर्णिका टड़ियावा सीएचसी में स्टाफ नर्स थी।

सोमवार की सुबह 8 बजे दाऊदपुर से पहले योगेश स्कूल के लिए बाइक से रवाना हुआ था। उसके कुछ ही देर बाद मणिकर्णिका स्कूटी से सीएचसी के लिए निकली थी। जैसे ही वह निर्माणाधीन लखनऊ-हरदोई हाईवे पर पहुंची अज्ञात वाहन ने स्कूटी में पीछे से टक्कर मार दी। इससे वह गिर पड़ीं। शव को रौंदते हुए गाड़ी निकल गई। ग्रामीणों की सूचना पर सिरसा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

कुछ लोगों ने हादसे का वीडियो लोकल व्हॉट्सऐप ग्रुप पर डाल दिया। स्कूल में योगेश ने व्हॉट्सऐप ग्रुप पर पत्नी की फोटो देखी, शव पूरी तरह से क्षत-विक्षत पड़ा था। यह देख योगेश बदहवास हो गया। 9.45 बजे के करीब स्कूल से किसी को कुछ बताए बगैर बाइक से वापस घर लौट गया।

इधर, पुलिस ने मणिकर्णिका की मौत की जानकारी घर वालों को दे दी थी। घर पर मोहल्ले वालों की भीड़ लगी थी। योगेश भी घर पहुंचा, किसी से कुछ नहीं बोला। सीधे कमरे में गया और अपने आप को बंद कर लिया।

परिजनों ने दरवाजा खुलवाया। दरवाजा नहीं खुलने पर घर वालों को शक हुआ। इसके बाद पुलिस को सुचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर गई तो योगेश का शव पंख से बिजली के तार से लटका था। योगेश के हाथ पर लिखा था- सॉरी…साथ जिएंगे, साथ मरेंगे।

इसे देखकर परिवार में कोहराम मच गया। योगेश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। मृतका नर्स मणिकर्णिका भी अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। योगेश 69000 शिक्षक भर्ती में सिलेक्शन हुआ था। पिहानी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय टीकमपुर में सहायक अध्यापक पर तैनाती मिली थी।

मणिकर्णिका और योगेश की मौत के बाद घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। योगेश की मां बार-बार बेहोश हो जा रही है। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक नृपेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। इसमें विधिक कार्रवाई की जा रही है।

Published on:
22 Apr 2024 07:19 pm
Also Read
View All

अगली खबर