
यूपी में तय समय पर ही होंगे पंचायत चुनाव | Image - Fb/@omprakashrajbhar
UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर चल रही तमाम अटकलों के बीच पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा बयान देकर स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में पंचायत चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही कराए जाएंगे और चुनाव टलने की खबरें केवल भ्रम फैलाने की कोशिश हैं।
शनिवार को सुलतानपुर पहुंचे पंचायती राज मंत्री एवं सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने जिला पंचायत सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पंचायत चुनावों को लेकर स्थिति स्पष्ट की। केंद्रीय बजट 2026 पर चर्चा के दौरान उन्होंने पंचायत चुनाव की तैयारियों और तिथियों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
राजभर ने बताया कि पंचायत चुनाव के लिए मतपत्र पहले ही छप चुके हैं और उन्हें प्रदेश के 75 जिलों में भेजा जा चुका है। इसके साथ ही अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 28 तारीख को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं तय समय-सारिणी के अनुसार आगे बढ़ रही हैं।
मंत्री ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर भ्रम की स्थिति एसआईआर की समय-सीमा बढ़ने, बोर्ड परीक्षाओं और आगामी जनगणना की योजनाओं के कारण बनी है। इन सभी कारणों से लोगों को ऐसा लग रहा है कि चुनाव टल सकते हैं, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं है।
उत्तर प्रदेश में इस वर्ष अप्रैल और मई के बीच पंचायत चुनाव कराए जाने की संभावना है। सभी राजनीतिक दल चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। चुनाव आयोग ने भी जिला निर्वाचन अधिकारियों को सूचनाओं में मौजूद विसंगतियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आगे की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके।
चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पंचायत चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बेहद अहम माना जा रहा है, जिसको लेकर सभी दल रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
इस दौरान ओम प्रकाश राजभर ने सुभासपा विधायक बेनीराम से जुड़े वायरल ऑडियो मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। नाले से अतिक्रमण हटाने के दौरान नगर निगम टीम को कथित तौर पर धमकाने के आरोपों को उन्होंने पूरी तरह निराधार बताया।
राजभर ने कहा कि यदि लेखपाल इस तरह का आरोप लगा रहा है तो उसे मोबाइल रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक ऐसा कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया है जो विधायक को दोषी ठहराता हो।
मंत्री ने बताया कि यह मामला पहले भी विधानसभा में नियम 51 के तहत उठाया जा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां वास्तव में नाला मौजूद है, वहां ठेकेदारों द्वारा फ्लैट बना दिए गए हैं और अब नाले को किसी अन्य की जमीन से निकालने का दबाव बनाया जा रहा है।
राजभर ने यह भी स्पष्ट किया कि नाले की जमीन पर विधायक का कोई मैरिज लॉन नहीं बना है। भूमि की चार बार पैमाइश हो चुकी है और सभी रिपोर्ट स्पष्ट हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित पार्षद राजनीतिक प्रेरणा से बयानबाजी कर रहा है।
Updated on:
7 Feb 2026, 7:34 PM IST
Published on:
7 Feb 2026, 7:33 PM IST
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