नई योगी सरकार में जहां पुराने चेहरों को उनकी छवि और अनुभव के हिसाब से दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है तो वहीं इस नई सरकार में छह नए चेहरों को भी शामिल किया गया है। यह छह चेहरे ऐसे हैं जो किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। जिन नए चेहरों को कैबिनेट में जगह दी गई है, उन्हें अगले छह महीने में विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी होगा।
नई योगी सरकार में जहां पुराने चेहरों को उनकी छवि और अनुभव के हिसाब से दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है तो वहीं इस नई सरकार में छह नए चेहरों को भी शामिल किया गया है। यह छह चेहरे ऐसे हैं जो किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। जिन नए चेहरों को कैबिनेट में जगह दी गई है, उन्हें अगले छह महीने में विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी होगा। नए लोगों में जेपीएस राठौर, नरेंद्र कश्यप, दयाशंकर मिश्र 'दयालु', जसवंत सैनी, दिनेश प्रताप सिंह और दानिश अंसारी का नाम शामिल है। इसके अलावा असीम अरुण का नाम पहली बार योगी मंत्रिमंडल में शामिल हुआ है।
नई सरकार में ये नए चेहरे शामिल
योगी आदित्यनाथ ने अपनी कैबिनेट में 52 मंत्रियों को शामिल किया है। इनमें छह नाम ऐसे हैं जो न तो विधानसभा और न ही विधान परिषद के सदस्य हैं। बीजेपी पिछड़ा मौर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप और बीजेपी ने प्रदेश महासचिव और यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जेपीएस राठौर को योगी कैबिनेट में स्वतंत्र प्रभार वाला राज्यमंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के कर्मठ नेता दयाशंकर मिश्रा 'दयालु' को मंत्री बनाया गया है। वहीं, कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले रायबरेली के दिनेश प्रताप सिंह को भी स्वतंत्र प्रभार वाला राज्यमंत्री बनाया गया है।
जसवंत सैनी राज्यमंत्री
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नेता जसवंत सैनी को योगी कैबिनेट में जगह दी गई है। योगी आदित्यनाथ की पिछली सरकार में यूपी पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जसवंत सैनी को राज्यमंत्री को जिम्मेदारी दी गई है। मुस्लिम चेहरे के तौर पर दानिश को शामिल किया गया है। दानिश योगी मंत्रिमंडल के सबसे युवा चेहरे हैं।