नगर निगम जल कर, सीवर कर और गृह कर के बाकेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने जा रहा है। निगम ने साफ किया है कि 31 मार्च की रात 12 बजे तक बकाया शुल्क जमा नहीं करने पर 1 अप्रैल से कड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी...
वाराणसी: नगर निगम जल कर, सीवर कर और गृह कर के बाकेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने जा रहा है। निगम ने साफ किया है कि 31 मार्च की रात 12 बजे तक बकाया शुल्क जमा नहीं करने पर 1 अप्रैल से कड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी। नगर निगम ने बताया कि इसके तहत बड़े पैमाने पर कुर्की-जब्ती और नीलामी का महाअभियान चलाने की तैयारी कर ली गई है।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में करीब 83 हजार ऐसे भवन चिन्हित किए गए हैं, जिनके ऊपर टैक्स बकाया है। इन सभी भवनों की जोनवार सूची तैयार कर ली गई है और जल्दी ही वसूली अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा दी जा रही शतप्रतिशत सरचार्ज माफी योजना 31 दिसंबर को समाप्त हो जाएगी, इसके बाद भवन स्वामियों को पूरा ब्याज चुकाना होगा।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि 31 मार्च को सार्वजनिक अवकाश है, फिर भी भवन स्वामियों की सुविधा के लिए नगर निगम मुख्यालय और सभी जोनल कार्यालय टैक्स कलेक्शन के लिए रात 9 बजे तक खुले रहेंगे। उन्होंने बताया कि भवन स्वामी ऑफलाइन के अलावा https://www.nnvns.org.in पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से भी भुगतान कर सकते हैं। नगर आयुक्त ने नगर वासियों से अपील की है कि वह अंतिम समय का इंतजार ना करते हुए अपना बकाया भुगतान तुरंत जमा कर दें, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
वहीं, दुकान का किराया और लाइसेंस शुल्क के मामलों को लेकर नगर निगम और भी सख्त हुआ है। नगर निगम के मुताबिक, यदि 31 मार्च तक भुगतान नहीं किया गया तो बकाया राशि पर 50% का विलंब शुल्क वसूला जाएगा। इसके साथ ही बार-बार नोटिस के बावजूद भुगतान न करने वाले दुकानदारों और लाइसेंस धारी के प्रतिष्ठान सील कर दिए जाएंगे।
नगर निगम के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जिम्मेदारी भी निभाई है और अब तक 1.48 लाख से अधिक भवन स्वामियों ने अपना टैक्स जमा कर दिया है। इसके तहत निगम को 185.78 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल हुआ है। नगर निगम की मानें तो जोनवार आंकड़ों के अनुसार आदमपुर, भेलूपुर, दशाश्वामेध, कोतवाली, वरुणपार, सारनाथ समेत कई क्षेत्र में हजारों भवनों पर करोड़ों रुपए का बकाया है, जबकि 18 करोड़ रुपए की राजस्व वसूली भी की जानी है।