सबरीमाला मंदिर प्रकरण....
वाराणसी. आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के महिलाओं को लेकर दिए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि एक तरफ केरल के सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से इतर बयान देते हैं तो वहीं वाराणसी में संघ के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुछ और। उन्होंने सवाल किया कि अगर आरएसएस प्रमुख वास्तव में महिलाहितों के रक्षक हैं। उनके विरुद्ध हो रहे अत्याचार के खिलाफ है तो फिर केरल प्रकरण में उनका बयान महिला विरोधी क्यों। कहा कि यह संघ प्रमुख का दोहरा चरित्र उजागर करता है।
आम आदमी पार्टी के पूर्वांचल संयोजक संजीव सिंह ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि सबरीमाला मंदिर (केरल) में महिलाओं के दर्शन पर रोक के खिलाफ महिलाओं की लंबी लङाई के बाद उनके समर्थन में सर्वोच्च न्यायालय ने तीसरी बार 16 नवंबर को गेट खोलने का फैसला दिया। कोर्ट ने कहा कि महिलाओं को मंदिर में प्रवेश दिया जाय। न्यायालय का समर्थन केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनकी सरकार कर रही है जिसे लेकर गुरुवार (15 नवंबर) को सर्वदलीय बैठक भी हो रही है। वहीं कर्नाटक के वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदिरप्पा इसके विरोध में यात्रा निकाल रहे है जिसके समर्थन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य में अशांति फैलाना शुरू कर दिया है। इसका प्रमाण खुद केरल के मुख्यमंत्री ने दिया है। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संचालक मोहन भागवत संप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए वाराणसी में पिछले सोमवार से प्रवास किए है। वह एक तरफ जहां बुधवार (14 नवंबर) को एक निजी स्कूल में व्याख्यान देते कह रहें है कि, " महिलाओं के खिलाफ अपराध तब रूकेगा जब उन्हें सक्षम बनाया जाय''। वह कहते हैं कि एक तरफ तो महिलाओं को जगदंबा, देवी के रूप में पूजा जाता है तो दूसरी तरफ अत्याचार किया जाता है, फिर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सक्षमता केवल सरकार पर नहीं थोपी जा सकती है।"
आप नेता ने कहा कि कुछ दिन पहले नागपुर से संघ प्रमुख फतवा जारी करतें है की सबरीमाला में महिलाओं का प्रवेश वर्जित होना चाहिए तथा सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का परंपराओं का हवाला देकर विरोध करने वाले विरोधियों का समर्थन कर रहे है। ये तब है जब केरल सरकार न्यायालय के आदेश से महिलाओं के हितों की रक्षा कर उन्हें मंदिर प्रवेश दिलाना चाहती है तो संघ व भाजपा केरल में अपनी राजनैतिक जमीन तलाशते हुए उसके खिलाफ यात्रा और विरोध करवा रही है।
सिंह ने कहा कि संघ का यही दोहरा चरित्र है वाराणसी (उत्तर प्रदेश) की महिलाएं देवी, जगदंबा तो केरल की महिला गैर संस्कारिक दिखतीं है। उन्होंने कहा कि जहां भाजपा और संघ मिलकर महिला विरोधियों का समर्थन, पूर्व मुख्यमंत्री येदिरप्पा सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ राज्य में यात्रा निकालने जा रहें है। पूरी तौर पर केरल की शांति व्यवस्था को तोङने के लिये संघ प्रमुख मोहन भागवत, भाजपा लगी हुई है। संघ और भाजपा
आप नेता का कहना है कि हिंदूओं के सबसे बङे विरोधी संघ व भाजपा है। इन्हीं के चलते लङाई " उग्र हिंदू बनाम विनम्र हिंदू" में करायी जा रही है जो एक दिन पूरे राष्ट्र को जला देगी। उन्होंने मोहन भागवत पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि महिलाओं को लेकर जो खेल खेल रहे है, जिसके लिए हमारे शास्त्रों में लिखा है..." यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता " अर्थात जहां नारी-(महिलाओं) की पूजा होती है देवता वही निवास करतें है। अतएव पहले अपने और अपने संघ परिवार से महिलाओं का सम्मान करना सिखाएं, चाहें केरल की महिला हो या पूरे विश्व की।