
वाराणसी. जिला जेल में मोबाइल व बंदियों के पास से लगातार मिल रहे आपत्तिजनक समानों को लेकर बहस तेज हो गयी है। राय बरेली के वायरल वीडियो में आपत्तिजनक समानों को लेकर जेलर व अन्य लोगों की भूमिका संदेह के घेरे में आयी थी और सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने आधा दर्जन जेल अधिकारियों को निलंबित कर दिया है इसके बाद एडीजी जेल चन्द्र प्रकाश ने डीजीपी को पत्र लिख कर बंदियों को न्यायालय में पेशी के समय परिजनों एंव अन्य लोगों से मिलने पर रोक की मांग की है।
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एडीजी जेल चन्द प्रकाश ने अपने पत्र में कहा है कि प्रदेश के कारागारों के निरीक्षक के समय व कारागारों के अधीक्षकों द्वारा यह संज्ञान में लाया गया है कि पुलिस अभिरक्षा में पेशी पर बंदियों को ले जाने के दौरान परिजनों से उनकी भेंट होती है। परिजन व साथी अपने बंदियों को खाने-पीने की वस्तुओं के साथ विभिन्न कपड़े, सामान व कपितय घटनाओं में मोबाइल तक उपलब्ध कराते हैं। पत्र में कहा गया है कि जेल से बंदी को पेशी में भेजते समय उनकी तलाशी ली जाती है और उसके बाद ही पुलिस की कस्टडी में दिया जाता है। कोर्ट में सुनवाई के बाद जब बंदी जेल में वापस आता है तो उसकी तलाशी ली जाती है उस समय बंदी के पास खाने-पीने की चीजों के अतिरिक्त कपड़े एंव अन्य प्रतिबंधित चीजे मिलने की आशंका बनी रहती है। एडीजी जेल ने अपने पत्र में कहा कि न्यायालय परिसर में बंदियों से परिजनों व साथियों के मिलने से पूर्व सुनियोजित षडयंत्र रचकर किसी घटना कारित करने की भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है जो सुरक्षा की दृष्टि से कदापि उचित नहीं है। उन्होंने डीजीपी से अनुरोध करते हुए कहा कि अपने स्तर से समस्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक को निर्देशित करने का कष्ट करें कि वे बंदी को न्यायालय में पेशी के समय किसी से मिलने व किसी प्रकार का सामान लेने का अवसर न मिल पाये।
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