15 अप्रैल तक बनारस शहर के अंदर विदेशी नागरिकों के भ्रमण नहीं कर सकेंगे।
वाराणसी. कोरोना वायरस को लेकर बनारस प्रशासन पूरी सक्रियता से काम कर रहा है। जिलाधिकारी कौशल किशोर शर्मा एक के बाद एक बड़े फैसले लेकर ये साबित कर रहे हैं कि जल्द इस वायरस के कहर से लोगों को बचाया जा सके। बुधवार को डीएम ने विदेशी पर्यटकों की वाराणसी में एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया। डीएम ने आदेश दिया है कि 15 अप्रैल तक बनारस शहर के अंदर विदेशी नागरिकों के भ्रमण नहीं कर सकेंगे।
अब काशी में मौजूद विदेशी पर्यटक बाजार, सड़क, घाट, मंदिर कहीं भी नहीं जा सकेंगे उन्हें अपने होटल में ही रहने को कहा गया है। इस सम्बंध में होटल सनचकों को भी जानकारी देदी गई है अगर किसी तरह की मनमानी हुई तो कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर जितने भी होटल संचालक और टूर ऑपरेटर्स हैं, उनको सूचना दे दी गई है। सख्त हिदायत है कि आदेश का उल्लंघन पर कार्रवाई हो सकती है।
बता दें प्रशासन ने इससे पहले काशी विश्वनाथ मंदिर में गर्भगृह में भी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, साथ ही विश्व प्रसिद्ध गया गंगा आरती, सुबह ए बनारस समेत कई धार्मिक आयोजनों को बेहद सीमित करने को कहा गया है। वहीं सारनाथ पर्यटन स्थल को भी अगले आदेश तक बंद करने को कहा गया है।
क्या हैं बनारस के आंकड़े
अब तक वाराणसी में 33 सैंपल लिए गए हैं, इसमें 32 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। एक मरीज की रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है। वहीं प्रशासन ने बाबतपुर एयरपोर्ट के बाहर दो होटलों को कोरेंटाइन सेंटर बनाया है। एयरपोर्ट पर बाहर से आए सभी यात्रियों को जांच के बाद 14 दिन तक यहीं रखा जा रहा है।