
Ajay Rai Controversy: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अजय राय ने विवादों के बीच अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा है कि 1996 में जब पहली बार पिंडरा विधानसभा से विधायक चुने गए थे तो वह विधानसभा में सबसे कम उम्र के विधायक थे। इसके साथ ही बसपा के शासन में उन्हें कैबिनेट मंत्री का पद भी दिया जा रहा था, लेकिन उन्हें यह स्वीकार नहीं था। इस वजह से उन्होंने निर्दलीय चुनाव जीतते हुए भी कांग्रेस का दामन थामा और कांग्रेस के साथ ही अब तक आगे बढ़ते आए हैं।
कांग्रेस नेता अजय राय ने बताया है कि वह वाराणसी की पिंडरा विधानसभा सीट से 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे हुए हैं और इस बार वर्तमान में पिंडरा सीट से बीजेपी को हराकर रहेंगे। उन्होंने बताया कि पिंडरा विधानसभा की जनता का उनसे अटूट प्रेम है और उन्हें विश्वास है कि 2027 विधानसभा चुनाव में जनता उनके साथ देगी और वह जीतकर विधानसभा पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि जब वह 1996 में जीत कर विधानसभा पहुंचे थे तब प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का शासन था और बसपा अध्यक्ष मायावती ने उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाने का ऑफर दिया था।
अजय राय ने दावा किया है कि बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मायावती के कहने पर उन्हें कई बार फोन किया और बसपा प्रमुख से मिलने की बात कही थी, लेकिन निर्दलीय विधायक होते हुए भी वह कांग्रेस के साथ गए। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि पार्टी के नेता नौजवानों का भविष्य खराब कर रहे हैं और ऐसे में बीजेपी ज्वाइन करने की बात महज एक अफवाह है और वास्तविकता से इसका किसी भी प्रकार से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पद का लालच नहीं करते हैं, पद तो आते जाते रहते हैं। उन्होंने बताया कि वह मंत्री पद पर भी रह चुके हैं और पूर्व में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे हैं, लेकिन वह कांग्रेस के सिपाही हैं और कांग्रेस का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे।
अजय राय ने बीजेपी की तुलना मछुआरों से की है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग पूरे देश में मछली पकड़ने के लिए कांटा लगा के रखे हैं, लेकिन एक वैसा कांटा उनके पास भी मौजूद है और वह जानते हैं कि उसे कांटे में फसना है या नहीं। अजय राय ने दावा किया है कि बीजेपी 2014 के लोकसभा चुनाव से लेकर अब तक उन्हें पैसे और पावर का प्रलोभन देते आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी का काम केवल प्रलोभन देना ही है। उन्होंने दावा किया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लोगों ने उन्हें अपने साथ लाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह अपने फैसले पर पहले भी अडिग थे और आज भी अडिग हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस मैं उन्हें कितना प्यार और समर्थन मिला है कि कहीं और जाना संभव ही नहीं।