
Ajay Rai 2027 Election: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने भी चुनावी तैयारियों के बीच अपना फोकस संगठन को मजबूत करने पर बढ़ा दिया है। इसी बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने अपने अगले विधानसभा चुनाव को लेकर तस्वीर साफ कर दी है। उन्होंने ऐलान किया है कि 2027 में वह वाराणसी की पिंडरा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे। एक टीवी कार्यक्रम में अजय राय ने कहा कि काशी उनका घर है और वह बनारस को कैसे भूल सकते हैं। उन्होंने पिंडरा की जनता से अपने पुराने रिश्ते का जिक्र करते हुए दावा किया कि क्षेत्र के लोग उनके साथ हैं और यहां चुनाव एकतरफा होगा।
अजय राय के लिए पिंडरा कोई नया चुनावी मैदान नहीं है। यह सीट उनके राजनीतिक सफर का अहम हिस्सा रही है। वह यहां से अलग-अलग मौकों पर जीत हासिल कर चुके हैं। 1996 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर तत्कालीन कोलसला सीट से चुनाव जीता था। इसके बाद 2002 और 2007 में भी वह विधानसभा पहुंचे।
2009 में भाजपा छोड़ने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर कोलसला उपचुनाव जीता। परिसीमन के बाद सीट का नाम पिंडरा हुआ और 2012 में कांग्रेस के टिकट पर अजय राय ने यहां से जीत दर्ज की। चुनावी रिकॉर्ड के मुताबिक 2017 और 2022 में उन्हें भाजपा के अवधेश सिंह के हाथों हार का सामना करना पड़ा। यानी 2027 में पिंडरा से उतरने का फैसला अजय राय के लिए सिर्फ एक चुनावी घोषणा नहीं, बल्कि अपने पुराने राजनीतिक गढ़ में वापसी की कोशिश भी है।
पिंडरा का राजनीतिक इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। परिसीमन से पहले यह क्षेत्र कोलसला विधानसभा सीट के नाम से जाना जाता था और लंबे समय तक यहां वामपंथ का प्रभाव रहा। कम्युनिस्ट नेता ऊदल यहां से कई बार विधायक रहे। अजय राय ने 1996 में इसी मजबूत वामपंथी प्रभाव को चुनौती देते हुए चुनाव जीता था। इसके बाद लंबे समय तक वह इस क्षेत्र की राजनीति में मजबूत चेहरा बने रहे। हालांकि 2017 में भाजपा के अवधेश सिंह ने उन्हें हराया और 2022 में भी भाजपा ने सीट बरकरार रखी।
2027 में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर भी लगातार चर्चा होती रही है। इस पर अजय राय ने कहा कि किस दल के साथ चुनाव लड़ना है और सीटों का बंटवारा किस तरह होगा, इसका अंतिम फैसला कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा।उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी का फोकस गांव-गांव और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर है। अजय राय ने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के मुद्दों को लेकर लगातार मैदान में हैं और 2027 में पार्टी पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी।
अजय राय ने यूपी में कांग्रेस की वापसी का दावा भी किया। उन्होंने अपने प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर करीब तीन साल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता जमीन पर मेहनत कर रहा है। उनके मुताबिक संगठन की यह मेहनत आने वाले विधानसभा चुनाव में दिखाई देगी। हालांकि, 2027 के चुनाव में कांग्रेस किस गठबंधन के साथ उतरेगी और उसे कितनी सीटें मिलेंगी, इस पर अभी अंतिम तस्वीर साफ नहीं है।
अजय राय ने मछली-भात विवाद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से कांग्रेस नेताओं को लेकर लगाए गए आरोपों को उन्होंने अदालत में चुनौती दी है। राय ने मांग की कि अगर आरोप सही हैं तो उन्हें साबित किया जाए, वरना मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। इस तरह अजय राय के ताजा बयान में एक तरफ 2027 के लिए उनकी सीट तय करने का संदेश है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस के संगठन और गठबंधन की रणनीति को लेकर भी संकेत हैं। पिंडरा में भाजपा का मौजूदा दबदबा देखते हुए अजय राय का यह ऐलान आने वाले चुनाव में इस सीट को फिर से हाई-प्रोफाइल बना सकता है।