1 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

UP Politics: सीएम योगी के खिलाफ कोर्ट में केस, अजय राय बोले- ‘अपनी साख से नहीं करूंगा समझौता’

Ajay Rai Defamation Case CM Yogi: एडवोकेट संजीव पांडे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 24 अगस्त को रायबरेली में हुई एक पब्लिक मीटिंग के दौरान CM योगी आदित्यनाथ ने अजय राय पर आरोप लगाया।
2 min read
Google source verification
CM Yogi Adityanath

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

Ajay Rai Defamation Case CM Yogi: अयोध्या मछली भोज विवाद में अब कानूनी जंग शुरू हो गई है। मंगलवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय लखनऊ सिविल कोर्ट पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बिना सबूत बयान देने का आरोप लगाते हुए मानहानि का दावा दाखिल करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत में वकील के जरिए याचिका दायर की गई। इस कदम से विवाद नया मोड़ ले चुका है।

अयोध्या कार्यक्रम और मत्स्य भोज का सच

अजय राय का कहना है कि 23 अगस्त को अयोध्या में कांग्रेस नेता राम निहाल निषाद द्वारा निषाद समाज का कार्यक्रम और जनसभा आयोजित की गई थी। उन्हीं के निमंत्रण पर वह जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद निषाद समाज के लोगों ने अपनी परंपरा के अनुसार मत्स्य भोज का आयोजन किया। अजय राय प्रदेश अध्यक्ष होने के कारण पहुंचते ही मीडिया ने उनकी तस्वीरें खींचीं। उनके चले जाने के बाद भोज की तस्वीरें ली गईं।

रायबरेली जनसभा में लगाए गए आरोप

24 अगस्त को रायबरेली की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अजय राय ने पहले अयोध्या में रामलला के दर्शन किए और फिर मत्स्य भोज ग्रहण किया। अजय राय का आरोप है कि मीडिया की तस्वीरों के आधार पर बिना वास्तविकता जाने यह भ्रांति फैलाई गई। इस बयान को सोशल मीडिया, टीवी और अखबारों के जरिए लाखों-करोड़ों लोगों ने देखा। इससे उनकी सामाजिक, पारिवारिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा धूमिल हुई।

शाकाहारी होने का दावा और खुला पत्र

अजय राय ने स्पष्ट किया कि वह शाकाहारी हैं और सच्चे सनातनी तथा बाबा विश्वनाथ के अनन्य भक्त हैं। इससे पहले उन्होंने सीएम योगी को खुला पत्र लिखा था। उन्होंने चुनौती दी थी कि अगर उनके मछली खाने की कोई प्रमाणित फोटो या वीडियो हो तो उसे सामने लाया जाए। प्रमाणित होने पर वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम निषाद समाज का था और भोज उनकी परंपरा का हिस्सा था।

माफिया आरोप पर भी सफाई

मुख्यमंत्री द्वारा भाई की हत्या के बाद माफिया के सामने घुटने टेकने के आरोप पर अजय राय ने कहा कि करीब 32 साल तक उन्होंने अदालतों में न्याय के लिए लड़ाई लड़ी। किसी माफिया के सामने सिर नहीं झुकाया। निरपराध होते हुए भी उन्हें समाज में सफाई देने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। इन्हीं वजहों से वह न्यायालय की शरण में पहुंचे हैं।

चुनाव से पहले तेज हुई सियासत

उत्तर प्रदेश में अगले साल चुनाव हैं। अजय राय के कोर्ट पहुंचने से राजधानी में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी और बढ़ने की संभावना है। भाजपा नेताओं ने सावन महीने में मछली भोज को सनातन आस्था का अपमान बताया था। अब यह विवाद कानूनी रूप ले चुका है और दोनों पक्षों के बीच टकराव जारी रहने वाला है।