वाराणसी

सही साबित हुए एग्जिट पोल के नतीजे, तो विरोधी नहीं बीजेपी के समर्थक रहे यह दो नेता बढ़ायेंग परेशानी

यूपी में उपचुनाव में पहले ही बीजेपी को मिल चुकी है शिकस्त, जानिए क्या है कहानी
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Updated: 10 Dec 2018, 1:53 PM IST
PM Narendra Modi and Amit Shah
PM Narendra Modi and Amit Shah

वाराणसी. पांच राज्यों के चुनाव परिणाम 11 दिसम्बर को आ जायेंगे। एग्जिट पोल ने इन राज्यों में बीजेपी को नुकसान होने की संभावना जतायी है। यदि एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित होते हैं तो विरोधी नहीं बीजेपी के सहयोगी दल के दो बड़े नेता भगवा दल की परेशानी बढ़ायेंगे।
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बीजेपी को यूपी से सबसे अधिक उम्मीद है। लोकसभा चुनाव 2014 में बीजेपी ने सहयोगी दल के साथ 80 में से 73 संसदीय सीट जीती थी। इसके बाद यूपी के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 325 सीट मिली है। सीएम योगी आदित्यनाथ को प्रदेश की कमान सौंपी गयी है। यूपी में फूलपुर, गोरखपुर व कैराना संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त मिली थी। इसके बाद से बीजेपी के लिए लोकसभा चुनाव 2019 की राह आसान नहीं रह गयी थी। इसी बीच राहुल गांधी, अखिलेश यादव व मायावती के संभावित गठजोड़ ने पहले ही भारतीय जनता पार्टी को परेशान किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी संभावित महागठबंधन से बड़ी चुनौती मिलने की बात स्वीकार कि है ऐसे में राजस्थान, मध्यप्रदेश, मिजोरम, छत्तीसगढ़, तेलंगाना राज्यों में हुए चुनाव के बाद एग्जिट पोल ने बीजेपी को नुकसान होने की संभावना जतायी है जिसके बाद से भारतीय जनता में पार्टी में खलबली मच गयी है।
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IMAGE CREDIT: Patrika

बीजेपी के सहयोगी यह दो नेता बढ़ायेंगे पार्टी की परेशानी
यूपी में बीजपी के सहयोगी दल में अनुप्रिया पटेल की अपना दल व यूपी के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा है। बीजेपी व सुभासपा भले ही गठबंधन में शामिल है लेकिन दोनों का रिश्ता बेहद खराब दौर से गुजर रहा है। बीजेपी व अपना दल गठबंधन को लेकर किसी प्रकार की कड़वाहट नहीं है लेकिन लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर विवाद होने की प्रबल संभावना है। संसदीय चुनाव में ओमप्रकाश राजभर के साथ अनुप्रिया पटेल भी सीटों को लेकर बीजेपी पर दबाव बढ़ायेंगे। पांच राज्यों में बीजेपी को नुकसान हुआ तो सहयोगी दल के नेता अधिक मुखर होंगे। ऐसे में बीजेपी को गठबंधन के तहत सहयोगी दल को अधिक सीट देनी पड़ सकती है यदि ऐसा हुआ तो लोकसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत पाने के लिए बड़ी मेहनत करनी होगी। फिलहाल सभी दलों की निगाहे पांच राज्यों के चुनाव परिणाम पर टिकी हुई है चुनाव परिणाम ही तय करेगा कि बीजेपी को सहयोगी दलों को कितनी सीट देनी होगी।
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10 Dec 2018, 1:53 PM IST
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