वाराणसी

केस दर्ज होने पर बोले अविमुक्तेश्वरानंद, वह शंकराचार्य परंपरा को नष्ट करना चाहते

Avimukteshwaranand POCSO case statement : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पॉक्सो के तहत केस दर्ज होने के बाद बयान दिया है कि जरा यह भी देखिए केस दर्ज कराने वाला कौन है और संरक्षण कहां से मिल रहा है।
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Updated: 21 Feb 2026, 8:30 PM IST
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पॉक्सो केस दर्ज होने पर बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, PC- Video Grab

वाराणसी : स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज की शिकायत पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कोर्ट ने पॉक्सो के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया। आरोप है कि अविमुक्तेश्वरानंद के कैंप में दो नाबालिग बच्चों का शोषण हुआ। इस मामले में दो नाबालिग बच्चों के बयान भी कोर्ट में दर्ज हुए थे।

इस मामले पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, '…फर्जी मुकदमा जो दायर किया गया है उसकी सच्चाई सामने आएगी। हम यही कहना चाहते हैं कि न्यायालय त्वरित गति से काम करे और जल्दी से जल्दी इसपर कार्रवाई करे। जो फर्जी केस बनाया है वह तो फर्जी ही सिद्ध होना है।'

जो आरोप लगा रहा है वह खुद हिस्ट्रीशीटर

सनातन के ऊपर आरोप लगा कौन रहा है, जिस व्यक्ति ने आरोप लगाया है वह खुद हिस्ट्रीशीटर है… पता नहीं कितने लोगों पर फर्जी मुकदमे लगाकर उगाही करना ही उसका काम है फिर वह रामभद्राचार्य का शिष्य बन जाता है और फिर हम पर आरोप लगाता है। आप देखिए यह आरोप कहां से आ रहा है, रामभद्रचार्य से और उनका बल कहां हैं वह भी सबको पता है। गौमाता की जो हम आवाज़ उठा रहे हैं उसे बंद करने के लिए सारे प्रयत्न हो रहे हैं, उसी में यह एक प्रयत्न है।

सनातन को अपने लोगों से ही खतरा

उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला थाना के अंतर्गत दर्ज है। बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो खुद भुक्तभोगी हैं और कहते हैं कि उन्होंने(आशुतोष पांडे ने) उनके ऊपर भी झूठा केस दर्ज किया गया। हमारे द्वारा जो आक्षेप लगाया गया है वो अपने आप को जगतगुरू कहने वाले व्यक्ति के चेले के द्वारा लगाया गया है। इसका मतलब क्या है? इसका मतलब है कि सनातन धर्म को किसी बाहरी व्यक्ति से खतरा नहीं है बल्कि ये अंदर के ही लोग हैं जो हिंदू धर्म को नष्ट करना चाहते हैं, शंकराचार्य नाम की संस्था को नष्ट करना चाहते हैं।'

Updated on:
21 Feb 2026, 8:30 PM IST
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