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सपा के कई नेताओं को पुलिस नें किया नजरबंद, दालमंडी चौड़ीकरण के विरोध में व्यापारियों से मिलने का था प्लान, जारी हुआ था पत्र

सड़क चौड़ीकरण कि जद में आए दालमंडी के दुकानदारों से मिलने जाने वाले सपा नेताओं को पुलिस नें नजरबंद कर लिया है। विश्वनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यहां चौड़ीकरण करके सुगम रास्ता बनाया जा रहा है....

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वाराणसी: पूर्वांचल की सबसे बड़ी थोक मंडी दालमंडी के चौड़ीकरण का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। इसी बीच मामले को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर हावी होने की कोशिश में लगा हुआ है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय इस मामले को पहले ही सरकार के समक्ष उठा चुके हैं। इसके बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मामले को लेकर खुल के सामने आए हैं। सपा के कार्यकर्ता शनिवार को दालमंडी जाने वाले थे, लेकिन प्रशासन ने कई पदाधिकारियों को नजर बंद कर दिया है।

सपा ने जारी किया है पत्र

दरअसल, दालमंडी के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है।प्रत्येक दिन मकान की रजिस्ट्री हो रही है और रजिस्ट्री हुए मकान पर जिला प्रशासन अपना हथौड़ा चल रहा है। इसी बीच राजनीति भी तेज हो गई है। शनिवार को समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल दालमंडी जाकर वहां के दुकानदारों से मुलाकात करने वाला था, लेकिन उसके पहले ही जिला प्रशासन ने पार्टी के कई नेताओं को नजरबंद कर लिया है। दरअसल, विरोधी दल के नेता लाल बिहारी यादव की तरफ से बनारस के समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को एक पत्र जारी किया गया है।

पुलिस पदाधिकारियों को नजरबंद करने में जुटी

पत्र के अनुसार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरफ से कुछ पदाधिकारियों के नाम भी जारी किए गए हैं, जिन्हें दालमंडी जाकर वहां के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने को कहा गया है। पत्र के मुताबिक, समाजवादी पार्टी में पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल, विधान परिषद के सदस्य आशुतोष सिन्हा, पूर्व राज्य मंत्री रिबू श्रीवास्तव समेत तमाम पदाधिकारी के नाम बताए गए हैं जो दालमंडी में जाकर वहां के पीड़ित परिवारों और दुकानदारों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद जिला प्रशासन ने पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को नजर बंद करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन की टीम नगवा स्थित समाजवादी युवा सभा के महासचिव सत्यप्रकाश सोनकर के आवास पहुंची और उन्हें नजरबंद कर लिया है। इसके साथ ही सपा के अन्य कार्यकर्ताओं को नजरबंद किया गया है।

क्या है दालमंडी प्रोजेक्ट

इस प्रोजेक्ट के माध्यम से दालमंडी को चौड़ा करके विश्वनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक सुगम रास्ते की व्यवस्था की जा रही है, क्योंकि विश्वनाथ मंदिर जाने के लिए मार्ग शंकरा है। यही वजह है कि इस प्रोजेक्ट का उत्तर प्रदेश सरकार क्रियान्वयन कर रही है। दालमंडी दशकों से पूर्वांचल की सबसे बड़ी थोक मंडी रही है और यहां सस्ते दामों पर हर एक सामान उपलब्ध होता है। पूरे पूर्वांचल से खरीदार यहां आते हैं और जरुरत का सामान लेकर जाते हैं।

17.4 मीटर चौड़ी होगी सड़क

सरकार की मंशा है कि इस सड़क का चौड़ीकरण करके 17.4 मीटर की एक बृहद सड़क का निर्माण किया जाए, जिसके दोनों तरफ पाथवे और ग्रीनरी की व्यवस्था होगी। इस सड़क के निर्माण के बाद विश्वनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालु आसानी और सुगमता से बाबा के दर्शन कर पाएंगे। इस चौड़ीकरण की जद में कुल 187 भवन आ रहे हैं जिनमें 6 धार्मिक स्थल भी शामिल हैं। दालमंडी के चौड़ीकरण को लेकर व्यापारियों ने विरोध भी दर्ज कराया है। व्यापारियों का आरोप है कि वह दशकों से यहां दुकान लगा रहे हैं और मकान मालिक मकान को बेचकर यहां से चले जा रहे हैं।

व्यापारी क्या लगा रहे आरोप

व्यापारियों का आरोप है कि इसके बाद उनके पास रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो रहा है। व्यापारियों के मुताबिक, मकान मालिकों को सरकार मोटा मुआवजा दे रही है, लेकिन उन्हें इसका लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि वे मोटी रकम देकर वहां दुकान लगा रहे थे। बीते दिनों दालमंडी चौड़ीकरण को लेकर व्यापारियों ने विरोध भी दर्ज कराया था, जिसके बाद कई व्यापारियों और व्यापारी नेता को पुलिस ने हिरासत में भी लिया था।