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वाराणसी में राहुल गांधी का पुतला फूंकने को लेकर भाजयुमो और पुलिस मे रार, वकीलों के हस्तक्षेप के बाद मिली परमिशन

भारत मंडपम में एआई सबमिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हंगामा करने के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला फूंका है। इससे पहले कार्यकर्ता पुतला लेकर पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उसे छीन लिया, फिर वकीलों के हस्तक्षेप के पुतला फूंका गया।

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वाराणसी: दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहे एआई सबमिट को लेकर राजनीति गर्म हो गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा एआई सबमिट में जाकर हंगामा मचाने के बाद अब बीजेपी सड़कों पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया। इससे पहले कार्यकर्ता पुतला लेकर पहुंचे थे, जिसे पुलिस ने छीन लिया, लेकिन कुछ देर बाद वकीलों के हस्तक्षेप के बाद दोबारा पुतला दहन किया गया।

कार्यकर्ताओं ने क्या लगाए आरोप

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के निर्देश पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में आयोजित एआई सबमिट में जाकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इससे देश की छवि धूमिल हुई और भारत का नाम खराब करने की कोशिश की गई। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस तरह का कृत्य राष्ट्रीय हित के विरुद्ध है और इसी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।

पहले पुलिस ने छीन लिया पुतला

दरअसल, इससे पहले भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता राहुल गांधी का पुतला लेकर पहुंचे थे जिसे दहन किया जाना था, लेकिन पुलिस की नजर पड़ते ही उसे छीन कर थाने भिजवा दिया गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं के समर्थन में अधिवक्ता समाज उतरा और पुलिस को चेताया कि इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय तक की जाएगी। इसके बाद पुतला दहन की अनुमति मिली।

कार्यकताओं की क्या है मांग

अनुमति मिलने के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता वाराणसी के जिला मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान उनके हाथों में राहुल गांधी का पुतला था। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने यह मांग की है कि एआई सबमिट वाले प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए उचित और वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि कांग्रेस द्वारा दोबारा इस तरह से कृत्य ना किया जा सके।