वाराणसी

झमाझम बारिश के लिए करना पड़ सकता है इंतजार, अब नहीं बरसे बदरा से खेती करना होगा कठिन

शहर के लिए भारी पड़ रहा है हरियाली का नहीं होना, धूल ने भी बिगाड़ी मौसम की चाल
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Updated: 5 Jul 2018, 6:42 PM IST
Indian Farmer
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वाराणसी. देश के कई राज्या में जुलाई के पहले सप्ताह तक इतनी बारिश हो गयी है कि वहां पर बाढ़ जैसी स्थिति बन गयी है जबकि बनारस में लोगों को झमाझम बारिश का इंतजार है। गुरुवार को तीखी धूप ने लोगों को परेशान कर दिया। आसमन में थोड़े ही बादल दिखायी पड़े। जो सूर्य की रोशनी को रोकने में अक्षम थे। मौसम वैज्ञानिक की माने तो आने वाले तीन से चार दिन तक मौसम ऐसा ही रह सकता है उसके बाद बारिश होने की संभावना बन रही है। यदि अब भी बारिश नहीं हुई तो किसान के लिए खेती करना बहुत कठिन हो जायेगा।
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विकास के नाम पर शहर को हरियाली विहीन कर दिया गया है। बुधवार को बीएचयू व उसके आस-पास क्षेत्र में बारिश हुई थी लेकिन शहर के अधिकांश हिस्सों में बूंदाबांदी तक ही मौसम सीमित हो गया था। बीएचयू में अच्छी हरियाली होने के चलते वहां पर बारिश हो जा रही है लेकिन शहर के अन्य हिस्सों में ऐसी स्थिति नहीं है इसलिए बारिश नहीं हो रही है। मानसून ट्रप भी हिमालय की तरफ चली गयी है जिससे पूर्वोत्तर के राज्यों में जमकर बादल बरस रहे हैं। बारिश के लिए दो स्थिति में से एक का होना बहुत जरूरी होता है। पहला मानसून ट्रप या पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति बने। दूसरे कारण में बादल को अनुकूल स्थानीय वातावरण मिलना होता है। बनारस में दोनों ही स्थिति नहीं बन पा रही है जिसके चलते झमाझम बारिश नहीं हुई।
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मौसम वैज्ञानिक प्रो.एसएन पांडेय का कहना है कि तीन दिन मौसम की चाल ऐसी ही रहेगी। कभी स्थानीय स्थिति अच्छी हो जायेगी तो कुछ बारिश हो सकती है नहीं तो धूप व छांव वाला मौसम रहेगा। बीच में अधिक गर्मी हुई तो बारिश की सौगात मिल सकती है नहीं तो आठ व नौ जुलाई से मौसम में परिवर्तन होगा। उन्होंने कहा कि बनारस की बात छोड़ दी जाये तो पूर्वांचल के अन्य जिलों में बारिश हो रही है। बीएचयू में भी पानी बरस जा रहा है लेकिन शहर में हरियाली नहीं है इसलिए बारिश के लिए लोगों को तरसना पड़ रहा है।
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