BHU (Banaras Hindu University) की प्रशासनिक लापरवाही का नया नमूना सामने आया है। BHU द्वारा आयोजित B.Sc Krishi की प्रवेश परीक्षा से जुड़ा मामला है। बता दें कि बीएचयू BSc Agriculture की Pravesh Pariksha 25 मई को हुई थी। इस परीक्षा के लिए जो प्रवेश पत्र छात्रों को दिया गया था उसमें परीक्षा की अविधि ढाई घंटे थी लेकिन कई सेंटर्स पर पेपर और आंसर शीट दो घंटे में ही ले ली गई थी। वहीं कई केंद्रों पर ढाई घंटे तक परीक्षा चली थी। यह मामला गर्माने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उस परीक्षा को रद कर दिया है। अब यह Entrance Exam पुनः नौ जुलाई को होगी। बतादें कि बीएचयू की कृषि की प्रवेश परीक्षा को लेकर यह लगातार तीसरा साल है जब प्रवेश परीक्षा रद की गई है। विश्वविद्यालय के इस निर्णय से प्रवेश परीक्षा में बेहतर परफार्म करने वाले छत्र हुए मायूस। बीएचयू की गलती की सजा भुगतेंगे छात्र।
बतादें कि इस वक्त ज्यादातर विद्यार्थी देश की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की Counselling की तैयारी में हैं। कई विद्यार्थी काउंसिलिंग के लिए दूसरे शहरों में जा चुके हैं। ऐसे में इन विद्यार्थियों का क्या होगा, इस बाबत Banaras Hindu University का ध्यान नहीं गया है। सवाल यह भी कि 25 मई को ही यह मामला उठा था लेकिन तब बीएचयू ने उस पर तत्काल ध्यान ही नहीं दिया।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के मीडिया सेल द्वारा शनिवार को जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि 25 मई को अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए हुई परीक्षा पुनः नौ जुलाई को देशभर के उन्हीं शहरों में निर्धारित केन्द्रों पर आयोजित होगी। कुछ अभ्यर्थियों द्वाराKashi Hindu Vishwavidyalaya प्रशासन से यह शिकायत की गई थी कि वाराणसी के एक परीक्षा केन्द पर 25 मई 2017 को दो घंटे की बजाय ढाई घंटे तक अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र हल करने का समय दिया गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने जब मामले की छान-बीन की तो प्रथम दृष्ट्या इसे सत्य पाया। इस पूरे मामले के गहन परीक्षण के उपरान्त विश्वविद्यालय की च्एपैक्स एडवाइजरी कमेटीज् ने यह अनुशंसा दी कि समस्त अभ्यर्थियों को समान अवसर मिले इसके लिये 25 मई 2017 को सम्पन्न प्रवेश परीक्षा को निरस्त कर उसे दोबारा कराया जाय। कमेटी ने यह भी अनुशंसा की कि एक समिति का गठन किया जाय जो उन कारणों की जांच करे व ऐसे उपाय सुझाए जिससे कि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो।
Apex Advisory Samiti की अनुशंसा पर अभ्यर्थियों के हितों को तथा प्रवेश परीक्षा की सुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिये कुलपति प्रो गिरीश चन्द्र त्रिपाठी के निर्दैश पर प्रो बच्चा सिंह निदेशक विज्ञानसंकाय की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया तथा उपरोक्त प्रवेश परीक्षा को निरस्त कर उसे नौ जुलाई 2017 को पुनः आयोजित करने हेतु आदेश पारित किया है।
बता दें कि 25 मई को देश के वाराणसी, इलाहाबाद, लखनऊ, गोरखपुर, भोपाल, हैदराबाद, दिल्ली, भुवनेश्वर, कोलकाता, जयपुर, गोहाटी तथा दक्षिणी परिसर बरकछा मिर्जापुर में निर्धारित केन्द्रों पर बीएससी (कृषि) में प्रवेश परीक्षा आयोजित की गयी थी। विश्वविद्यालय प्रशासन का अब यह तर्क है कि इस प्रवेश परीक्षा के अन्तर्गत यूईटी प्रवेश सूचना पुस्तिका सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानो पर प्रातः 8 बजे से 10 बजे तक (दो घंटे) का समय अंकित था। प्रश्न पत्र (क्वेसचन बुकलेट) में भी यही समय अंकित था। लेकिन परीक्षा के कुछ दिनों पूर्व पोर्टल पर भेजे गये प्रवेश पत्र पर भूलवश समय ढाई घंटे मुद्रित हो गया था। प्रवेश परीक्षा के दिन विभिन्न साधनो के जरिए देश के समस्त केन्द्रों पर त्वरित ढंग से यह संदेश भेजकर Admit Card केन्द्राध्यक्षों व पर्यवेक्षकों के माध्यम से अभ्यर्थियों को 2 घंटे की समय सीमा की पुष्टि की गई थी। देश के सभी केन्द्रों ने इस सूचना पर अमल किया तथा परीक्षा दो घंटे में पूर्ण करा ली। लेकिन एक परीक्षा केन्द्र पर ढाई घंटे का समय दे दिया गया जिसके कारण अभ्यर्थियों के व्यापक हित व परीक्षा तंत्र की सुचिता व पवित्रता के दृष्टिगत पुनः परीक्षा कराने का आदेश पारित किया गया। सभी परीक्षार्थी अपना Pravesh Patra दो जुलाई की रात से डाउनलोड कर सकते हैं।