वाराणसी

BHU को डेयरी विज्ञान में बड़ी सफलता, रिसर्च टीम ने तैयार की स्ट्रॉबेरी फोर्टिफाइड दही, अंतरराष्ट्रीय जनरल में मिला स्थान

बीएचयू की शोध टीम ने स्ट्रॉबेरी के फ्रीज ड्रायर पाउडर का उपयोग करके एक विशेष प्रकार की दही तैयार की है, जो पोषक तत्वों से भरपूर है। इसके साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी अत्यधिक लाभकारी है...

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Apr 13, 2026
Pc-BHU

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने डेरी विज्ञान की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता पाई है। बीएचयू से जुड़े प्रोफेसर और वर्तमान में बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) के कुलपति प्रोफेसर दिनेश चंद्र राय के नेतृत्व में बीएचयू की शोध टीम ने यह उपलब्धि हासिल की है। शोध टीम ने स्ट्रॉबेरी के फ्रीज ड्रायर पाउडर का उपयोग करके एक विशेष प्रकार की दही तैयार की है, जो पोषक तत्वों से भरपूर है। इसके साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी अत्यधिक लाभकारी है।

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में कारगर

शोध टीम की इस नई पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है और इसे अप्लाइड फूड रिसर्च में प्रकाशित किया गया है, जिसका इंपैक्ट फैक्टर 6.2 है। बीएचयू के जनसंपर्क अधिकारी राजेश सिंह ने बताया कि इस रिसर्च में अत्यधिक मेटबोलॉमिक्स तकनीक का उपयोग किया गया है और दही में मौजूद 34 बायो एक्टिव यौगिकों की पहचान हुई है। अल्फा लिनोलेनिक एसिड और एलर्जिक एसिड जैसे महत्वपूर्ण तथ्य इस दही में शामिल हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने, सूजन को कम करने और हार्ट के लिए बेहतर माने जाते हैं।

शोध के दौरान टीम ने पाया कि यदि दही में 8% स्ट्रॉबेरी पाउडर मिला लिया जाए तो स्वाद रंग और पोषण के बीच संतुलन बनाना बेहद खास और इंसान के लिए लाभकारी हो जाता है। टीम की इस उपलब्धि पर प्रोफेसर दिनेश चंद्र राय ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा है कि यह नवाचार भारतीय डेयरी उद्योग में वैल्यू एडेड उत्पादों के विकास को नई दिशा की तरफ आगे बढ़ाएगा। उन्होंने टीम के समर्पण और मेहनत की सराहना करते हुए कहा है कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से और सूक्ष्म अनुसंधान के कारण ही इस तरह की सफलता संभव हो पाती है।

शोध टीम को मिली सराहना

प्रोफेसर राय ने उम्मीद जताई है कि आगे चलकर यह शोध पोषण आधारित खाद्य उत्पादों के विकास में मिल का पत्थर साबित होगा। दरअसल, पिछले दो वर्षों में प्रोफेसर राय का यह 31वां अंतरराष्ट्रीय शोध प्रकाशन है, जो उनके वैज्ञानिक योगदान को दर्शाता है। टीम की इस उपलब्धि पर बीएचयू और बीआरएबीयू के छात्रों और शिक्षकों ने प्रसन्नता जाहिर की है और शोध टीम के इस नवाचार को डेयरी विज्ञान में दिए गए योगदान को लेकर भी सराहना की है।

Published on:
13 Apr 2026 06:54 pm
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