
वाराणसी.Big Fraud in Covid Vaccination Wrong Injection Given to Patients. वाराणसी में कोरोना टीका (Covid-19) के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां के पिंडरा में काशीपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का कर्मचारी मोटी रकम वसूल कर लोगों को एलर्जी और गैस का टीका लगा रहा था। फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में पता लगा है कि वह कोरोना टीका के नाम पर डेक्सोना (Decsona) और एसीलॉक (Aciloc) इंजेक्शन लगा रहा था। डेक्सोना एंटी एलर्जिक इंजेक्शन है और एसीलॉक गैस का इंजेक्शन है। आरोपी कर्मचारी पर धारा 268, 269 व 15 व 2 बी के तहत उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
20 से 50 हजार की कमाई
सिंधोरा थाना क्षेत्र के गड़खडा गांव मोहन राय काशीपुर गांव में स्वास्थ्य कर्मचारी है। वह 20 रुपये प्रति व्यक्ति के लेकर लोगों को इंजेक्शन लगाता था। उसकी पोल इस तरह खुली कि जब एक युवक ने बिना रजिस्ट्रेशन के टीका लगाने के बाद उससे प्रमाण पत्र मांगा। प्रमाण पत्र देते ही राज खुलने के डर से उसने इंकार कर दिया। इस पर युवक को शक हुआ और उसने फर्जी टीका लगाने की सूचना सिंधोरा पुलिस को दी। थाने से एसएसआई संजीत बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे और जांच की तो पता चला कि कोरोना के नाम पर फर्जी डोस दी जा रही है। लोगों के स्वास्थ्य के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पिंडरा डॉ एच सी मौर्य को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे चिकित्सा अधिकारी ने कोविशिल्ड के बजाय डेक्सोना के इंजेक्शन होने की पुष्टि की। उसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर थाने लाई।
विभिन्न धाराओं में केस दर्ज
पूछताछ में उसने बताया कि धन कमाने के नियत से कई दिनों से गांवों में घूम-घूमकर उक्त इंजेक्शन लगाकर 20 से 50 रुपये तक वसूल रहा था। पुलिस ने पिंडरा पर तैनात स्वास्थ्य कर्मचारी बीरबल की तहरीर पर धारा 268, 269 व 15 व 2 बी के तहत उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।