
वाराणसी. लोकसभा चुनाव 2019 के पहले बीेजेपी में मची घमासान अब सतह पर आ सकती है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक ही दिन में ताबड़तोड़ दौरे करके मिर्जापुर व बनारस में किसानों के साथ युवाओं को साधने का प्रयास किया है। अमित शाह के इस दौरे में सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर डिप्टी सीएम डा.दिनेश शर्मा भी उपस्थित थे लेकिन डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या कही नहीं दिखे। इसके चलते चर्चाओं को बाजार गर्म हो गया है। चर्चा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ व आरएसएस के इशारे पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या को पार्टी में साइलाइन किया जा सकता है। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने इस संदर्भ में अधिकृत रुप से कुछ नहीं कहा है।
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यूपी में बीजेपी सरकार बनने के बाद से सीएम योगी आदित्यनाथ व डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के बीच मतभेद की खबर आती रही है दोनों ही नेताओं ने इस बात से हमेशा इंकार किया था लेकिन समय-समय पर इस बात पर मुहर लग जाती है कि दोनों नेताओं के बीच सब कुछ सही नहीं चल रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ को आरएसएस से सीधा समर्थन मिला है इसलिए बीजेपी भी अधिक हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। मिर्जापुर व बनारस दौरे से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के गायब रहने के चलते सियासी जगत में हलचल मच गयी है। जिस कार्यक्रम में खुद अमित शाह उपस्थित थे वहां भी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का नहीं आना बता रहा है कि अब पार्टी में उनकी स्थिति खराब हो गयी है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या अब पूरी तरह स्वस्थ्य हो चुके हैं इसके बाद भी सीएम योगी के साथ हुए कार्यक्रम में उन्होंने भाग नहीं लिया। चर्चाओं की माने तो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या पर सीएम योगी आदित्यनाथ भारी पड़ गये हैं और भगवा दल उन्हें झटका दे सकता है।
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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या की जगह इस पिछड़े नेता को मिलेगा मौका
अमित शाह ने मिर्जापुर दौरे में जिस तरह से अनुप्रिया पटेल को तव्वजो दी है उससे संकेत मिलने लगा है कि केशव प्रसाद मौर्या की जगह अब बीजेपी केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल को पिछड़ों का बड़ा नेता बनायेगी। यूपी में बीजेपी गठबंधन में ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा व अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल भी शामिल है। सुभासपा ने हमेशा ही सीएम योगी पर हमला बोला है जबकि अपना दल के चलते बीजेपी को अप्रिय स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा है जिसका इनाम लोकसभा चुनाव 2019 में अपना दल को मिल सकता है।
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पीएम नरेन्द्र मोदी की तरह सीएम योगी आदित्यनाथ ही रहेंगे बड़े नेता
केन्द्र में जिस तरह से पीएम नरेन्द्र मोदी के बराबर खड़े होने वाले नेताओं को किनारे किया गया है उसी तरह आरएसएस यूपी में भी ऐस प्लान चला सकती है। अटकलों की माने तो सीएम योगी आदित्यनाथ के बाद यूपी में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का कद होने लगा था। सुभासपा से लेकर अन्य पिछड़े नेता समय-समय पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या को समर्थन देते आये थे इसके चलते भी डिप्टी सीएम का किनारे करके सीएम योगी आदित्यनाथ को सेफ जोन में पहुंचाया जा सकता है। सारी चर्चा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के अनुपस्थित रहने के चलते हुई है अब देखना है कि बीजेपी इस प्रकरण पर अधिकृत रुप से क्या कहती है।
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पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र ने किया सोशल मीडिया पर जंग का ऐलान
अमित शाह का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण था। पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बीजेपी वालंटियर के साथ सोशल मीडिया पर २०१९ की जंग का ऐलान किया है। अमित शाह ने साफ कर दिया है कि १५ अगस्त के बाद सारे कार्यकर्ता प्रचार में जुट जाये। अखिलेश यादव, राहुल गांधी व मायावती व उनके पार्टी के नेता जो भी बयान दे उसका जवाब सोशल मीडिया के जरिए दिया जाये। इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार के विकास कार्यों को भी सोशल मीडिया के जरिए सभी घरों तक पहुंचाया जाये।
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